अजमेर के मांगलियावास थाना क्षेत्र के डुमाड़ा गांव में रास्ते के विवाद को लेकर बोलेरो से कुचले गए पूर्व सरपंच गोविंदराम गुर्जर की इलाज के दौरान मौत हो गई। मोर्चरी के बाहर गुर्जर समाज ने धरना देकर सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की।
Ajmer former Sarpanch death: अजमेर जिले के मांगलियावास थाना क्षेत्र के डुमाड़ा गांव में छह दिन पूर्व हुए खूनी संघर्ष के घायल पूर्व सरपंच गोविंदराम गुर्जर ने मंगलवार देर रात उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। पूर्व सरपंच की मौत की खबर फैलते ही गुर्जर समाज में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया है।
बता दें कि बुधवार सुबह से ही बड़ी संख्या में समाज के पंच-पटेल, जनप्रतिनिधि और ग्रामीण जवाहरलाल नेहरू (JLN) अस्पताल की मोर्चरी के बाहर एकत्रित हो गए और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर धरना शुरू कर दिया।
विवाद की जड़ गांव में एक रास्ते पर किए गए अतिक्रमण को बताया जा रहा है। 6 दिन पूर्व, जब पूर्व सरपंच गोविंदराम गुर्जर ने रास्ते के विवाद को लेकर विरोध जताया, तो आरोपियों ने उन पर बोलेरो गाड़ी चढ़ाकर उन्हें कुचलने का प्रयास किया। इस हमले में वे गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिनका अजमेर के JLN अस्पताल में उपचार चल रहा था।
परिजनों और ग्रामीणों ने मांगलियावास पुलिस की सुस्त कार्रवाई पर गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि घटना के 6 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस ने नामजद 4 आरोपियों में से केवल एक, परमेश्वर गुर्जर, को गिरफ्तार किया है।
बाकी आरोपी अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जब तक सभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती, वे शव का पोस्टमार्टम नहीं करवाएंगे।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस के उच्च अधिकारी मौके पर पहुंचे और समझाइश के प्रयास किए। दूसरी ओर, समर्थकों ने स्पष्ट किया है कि यदि न्याय नहीं मिला तो वे मुख्य सचिव और डीजीपी राजीव शर्मा का घेराव कर ज्ञापन सौंपेंगे।