
Ajmer RIICO Bribe Case: अजमेर/ब्यावर: राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) जयपुर की टीम ने शुक्रवार को एक बड़ी और ताबड़तोड़ कार्रवाई को अंजाम दिया है। एसीबी की टीम ने कार्रवाई करते हुए अजमेर में रीको (RIICO) के वैशाली नगर रीजनल कार्यालय में तैनात सीनियर डीजीएम को 50 हजार रुपए और ब्यावर कार्यालय में कार्यरत जूनियर असिस्टेंट को 35 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया। चौंकाने वाली बात यह है कि गिरफ्तार किया गया सीनियर डीजीएम इसी चालू महीने में ही सरकारी सेवा से रिटायर होने वाला था। रीको के बड़े अधिकारियों पर हुई इस औचक कार्रवाई से पूरे महकमे में हड़कंप मच गया है।
एसीबी के एडिशनल एसपी मनोज गुप्ता ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि एक परिवादी ने जयपुर मुख्यालय में शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत के अनुसार, रीको के सथाना औद्योगिक क्षेत्र में उसके एक प्लॉट का पट्टा (डीड) जारी करने के एवज में अधिकारियों द्वारा मोटी रकम की मांग की जा रही थी। शिकायत मिलने के बाद एसीबी की टीम ने बेहद गोपनीय तरीके से पूरे मामले और रिश्वत की मांग का सत्यापन करवाया, जो सही पाई गई।
सत्यापन के बाद शुक्रवार को जाल बिछाया गया। एसीबी की टीम ने कार्रवाई करते हुए राजस्थान औद्योगिक विकास और निवेश निगम (रीको) के रीजनल कार्यालय के सीनियर डीजीएम अंजय विश्वकर्मा को परिवादी से 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। आरोपी विश्वकर्मा ने प्लॉट का पट्टा जारी करने और प्रोडक्शन शुरू करने की अनुमति देने के नाम पर परिवादी से यह राशि मांगी थी।
इसी मामले से जुड़ी दूसरी कार्रवाई ब्यावर में अमल में लाई गई। एसीबी के एडिशनल एसपी ज्ञानप्रकाश नवल ने बताया कि सथाना औद्योगिक क्षेत्र में ही परिवादी के भूखंड की डीड निस्तारण के मामले में रीको कार्यालय के जूनियर असिस्टेंट कमलेश गुर्जर ने भी घूस मांगी थी। चूंकि परिवादी भ्रष्टाचार के खिलाफ था और रिश्वत नहीं देना चाहता था, इसलिए उसने जयपुर एसीबी को इसकी सूचना दी। जाल बिछाकर आरोपी जूनियर असिस्टेंट कमलेश गुर्जर को भी 35 हजार रुपए की घूस लेते रंगे हाथों दबोच लिया गया।
कार्रवाई के बाद एसीबी की टीमें दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर कड़ी पूछताछ कर रही हैं। इसके साथ ही अजमेर में अंजय विश्वकर्मा और ब्यावर में कमलेश गुर्जर के आवासीय व अन्य ठिकानों पर एसीबी की सर्चिंग और तलाशी अभियान जारी है। मौके पर मौजूद संबंधित दस्तावेजों को खंगालने और जब्ती की कानूनी प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।