अजमेर

अजमेर में बेसहारा हुए दो नन्हे बच्चे, पिता की मौत के बाद मां ने भी खोई सुध-बुध; मदद के लिए आगे आया समाज

अजमेर में पिता की मौत के बाद पांच और चार साल के दो मासूम बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया। मानसिक रूप से अस्वस्थ मां भी बच्चों की देखभाल करने में सक्षम नहीं है। ऐसे में दोनों बच्चों के पालन-पोषण और भविष्य पर संकट गहरा गया है।
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Oct 05, 2026
Ajmer children family crisis
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अजमेर. गेगल थाना क्षेत्र के गुढ़ा गांव में धारासिंह रावत की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद परिवार पर अचानक मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा। पीछे पांच और चार साल के दो छोटे बच्चे और उनकी मानसिक रूप से अस्वस्थ मां रह गई हैं। परिवार की जिम्मेदारी संभालने वाले धारासिंह के नहीं रहने से दोनों बच्चों के पालन-पोषण और भविष्य को लेकर चिंता बढ़ गई है। ऐसे मुश्किल समय में ग्रामीणों, रावत समाज और प्रशासन ने परिवार की मदद के लिए हाथ बढ़ाया है।

पत्रिका पड़ताल में सामने आया कि करीब छह महीने पहले धारासिंह के घर से उसकी पत्नी के सोने-चांदी के गहने चोरी हो गए थे। पुलिस ने मामले में चांदी के गहने बरामद कर आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश कर दिया था। बरामद चांदी के गहने अभी पुलिस थाने के मालखाने में हैं, जबकि सोने के जेवर अब तक बरामद नहीं हो सके हैं। मामला गुढ़ा गांव की जाति पंचायत तक भी पहुंचा, लेकिन वहां भी कोई समाधान नहीं निकल पाया।

सूत्रों के अनुसार, 2 अक्टूबर की रात धारासिंह और कथित आरोपियों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। इसके अगले दिन घर के सामने छप्पर के नीचे धारा सिंह के शव मिलने की सूचना से गांव में भी हड़कंप मच गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। वहीं, धारासिंह के जाने के बाद सबसे बड़ा सवाल अब उसके दोनों छोटे बच्चों की परवरिश और भविष्य को लेकर खड़ा हो गया है।

मां की हालत ने बढ़ाई चिंता

ग्रामीणों ने बताया कि धारासिंह की पत्नी मैना की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। बच्चों के लिए खाना बनाने और रोजमर्रा की देखभाल करने में भी सक्षम नहीं है। धारासिंह ही परिवार के पालन-पोषण की धुरी था। पति की मौत के बाद अब उसकी स्थिति और बिगड़ गई है। धारासिंह के माता-पिता की पहले ही मृत्यु हो चुकी है, ऐसे में दोनों बच्चों की जिम्मेदारी उनके दो भाइयों व परिवार के अन्य सदस्यों पर आ गई है।

समाज ने संभाला परिवार

रविवार को बच्चों के भविष्य को लेकर ग्रामीण व रावत समाज के लोगों ने चिंता जताई। जहां रावत महासभा ने परिवार को 2 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। वहीं समाज के युवाओं ने अपनी क्षमता के अनुसार आर्थिक मदद जुटा दी। पांच हजार से 21 हजार रुपए तक की सहायता देकर परिवार को संबल देने का प्रयास किया।

इनका कहना है...

सामाजिक व प्रशासनिक स्तर पर आर्थिक मदद पर सहमति बनी। समाज की ओर से परिवार की हर स्तर पर मदद की जाएगी। सरकारी योजनाओं के माध्यम से आर्थिक सहायता दिलवाने के भी प्रयास होंगे। समाज के युवाओं व अन्य लोगों ने अच्छा सहयोग दिया।
- श्रवण सिंह रावत, भाजपा नेता व समाजसेवी



Updated on:
05 Oct 2026 01:39 pm
Published on:
05 Oct 2026 01:39 pm