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अजमेर.
महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय के कुलपति पर लगी रोक के मालमे में 29 जनवरी को राजस्थान हाईकोर्ट में सुनवाई होगी। इसको लेकर राजभवन और सरकार की तैयारियां जारी हैं।
लक्ष्मीनारायण बैरवा की जनहित याचिका पर राजस्थान हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश प्रदीप नंद्राजोग की खंडपीठ ने बीती 11 अक्टूबर को महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आर. पी. सिंह को नोटिस जारी कर 26 अक्टूबर तक कामकाज पर रोक लगाई थी। इसके बाद न्यायालय ने रोक 1,16, 28 नवंबर, 3 दिसंबर, 11 और 29 जनवरी तक बढ़ा दी थी। अब मंगलवार को हाईकोर्ट की खंडपीठ मामले की सुनवाई करेगी।
तीन महीने में बिगड़ा कामकाज
तीन महीने से कुलपति के कामकाज पर रोक से विश्वविद्यालय का कामकाज चरमरा गया है। अहम वित्तीय और प्रशासनिक मामलों की पत्रावलियां अटकी हुई हैं। सालाना परीक्षाओं के टाइम टेबल भी अटके हुए हैं। यहां कई अहम फैसले कुलपति के बिना नहीं हो सकते हैं।
नहीं कर रहे वैकिल्प इंतजाम
महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक-2017 पारित हो चुका है। अधिनियम की धारा 9 (10) के तहत किसी विश्वविद्यालय के कुलपति पद की कोई स्थाई रिक्ति, मृत्यु, त्यागपत्र, हटाए जाने, निबंलन के कारण या अन्यथा हो जाए तो उप धारा 9 के तहत कुलाधिपति सरकार से परामर्श कर किसी दूसरे विश्वविद्यालय के स्थाई कुलपति को अतिरिक्त दायित्व सौंपेंगे। इसके बावजूद सरकार और राजभवन की वैकल्पिक नियुक्ति नहीं करना समझ से परे है।