बिजयनगर स्थापना शताब्दी समारोहअनूप जलोटा की स्वरलहरियों पर मंत्रमुग्ध हुए श्रोता
बिजयनगर. विख्यात गायक कलाकार अनूप जलोटा (anup jalota)ने बुधवार रात गजल, भजन व गीतों की स्वरलहरियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। प्रभुजी तुम चंदन हम पानी..., होठों से छूलो तुम मेरा गीत अमर कर दो.. की प्रस्तुतियों पर लोग झूमने लगे। मौका था बिजयनगर स्थापना शताब्दी समारोह में भजन संध्या(bhajan sandhya) का।
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नगर पालिका के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम(program) में गायक जलोटा ने भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण पर आधारित भजन गाए तो श्रोता भक्ति सरिता में गौते लगाने को मजबूर हो गए। जग में सुन्दर है दो नाम चाहे कृष्ण कहो चाहे राम..., वो कान्हा एक बांसुरी वाला, श्याम तेरी बंसी पुकारे राजाराम, यशोमती मैया से बोले नन्दलाला..., रंग दे चुनरिया मुझे अपने ही रंग में रंग दे चुनरिया..., बोलो राम-राम बोलो श्याम-श्याम आदि भजनों की प्रस्तुति देकर श्रोताओं को भोर होने तक भक्ति रस में डुबोए रखा।
जलोटा ने तुम इतना क्यों मुस्करा रही हो.., कलंक काजल से ज्यादा काला है..., दमा दम मस्त कलन्दर अली दा पहला नम्बर...आदि की प्रस्तुति ने समारोह को यादगार बना दिया। कार्यक्रम में सहयोगी कलाकार कविता सिंह व निताशा अग्रवाल ने भी भजनों की प्रस्तुती देकर तालियां बटोरीं। तबला वादक अमित चौबे, वायलिन पर मोहम्मद रशीद, व गिटार पर हिमांशु तिवारी ने की संगत दी। आकर्षक प्रस्तुतियों पर विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों व आमजन ने भी कलाकार जलोटा का माला पहनाकर स्वागत किया।