
अजमेर। जिले के रूपनगढ़ उपखंड के भैरवाई गांव में राजकीय स्कूल की भूमि को लेकर वर्षों से चला आ रहा विवाद शुक्रवार को हिंसक झड़प में बदल गया। स्कूल भवन की मरम्मत के दौरान दो पक्ष आमने-सामने आ गए और देखते ही देखते लाठी-भाटा चलने लगे। संघर्ष में 18 लोग घायल हो गए, जिनमें चार की हालत गंभीर होने पर उन्हें अजमेर रेफर किया गया। हालात बिगड़ते देख चार थानों का पुलिस जाप्ता मौके पर बुलाना पड़ा। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 23 लोगों को शांतिभंग के आरोप में गिरफ्तार किया है।
रूपनगढ़ थाना प्रभारी रामस्वरूप चौधरी ने बताया कि गांव के राजकीय विद्यालय भवन को कुछ दिन पहले जर्जर घोषित किया गया था। इसके बाद विद्यार्थियों की कक्षाएं अस्थायी व्यवस्था के तहत संचालित की जा रही थीं। हाल ही में स्कूल भवन की छत पर वाटरप्रूफिंग और मरम्मत का कार्य शुरू कराया गया, लेकिन इसी दौरान भूमि स्वामित्व को लेकर पुराना विवाद फिर सामने आ गया।
एक पक्ष का दावा है कि जिस भूमि पर स्कूल बना है, वह उनके पूर्वजों के नाम दर्ज है और इस संबंध में मामला उपखंड अधिकारी कार्यालय में विचाराधीन है। उनका कहना था कि जब तक भूमि विवाद का अंतिम निर्णय नहीं हो जाता, तब तक स्कूल में किसी प्रकार का निर्माण या मरम्मत कार्य नहीं होना चाहिए। वहीं दूसरे पक्ष का कहना है कि यह भूमि वर्षों पहले स्कूल के लिए दान कर दी गई थी और दशकों से उसी स्थान पर सरकारी विद्यालय संचालित हो रहा है, इसलिए मरम्मत कार्य रोकने का कोई औचित्य नहीं है।
शुक्रवार सुबह मरम्मत कार्य के दौरान एक पक्ष ने स्कूल पर ताला लगा दिया। इसके बाद दोनों पक्षों के लोग मौके पर एकत्र हो गए और कहासुनी देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई। दोनों ओर से लाठी-डंडों और पत्थरों से हमला किया गया, जिससे 18 लोग घायल हो गए। घायलों को तत्काल रूपनगढ़ के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां से चार गंभीर घायलों को बेहतर उपचार के लिए अजमेर रेफर कर दिया गया।
घटना की सूचना मिलते ही रूपनगढ़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची। हालात तनावपूर्ण होने पर गांधीनगर, बांदरसिंदरी, गेगल और किशनगढ़ थानों से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाकर स्थिति पर काबू पाया गया। पुलिस की मौजूदगी में गांव में शांति व्यवस्था कायम कराई गई।
पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए 23 लोगों को शांतिभंग के आरोप में गिरफ्तार किया है। एक पक्ष की शिकायत पर करीब 40 लोगों के खिलाफ जानलेवा हमला, मारपीट और अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया है, जबकि दूसरे पक्ष की ओर से भी रिपोर्ट दर्ज कराने की प्रक्रिया जारी है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और गांव में एहतियातन पुलिस बल तैनात किया गया है।