
अजमेर: ब्यावर शहर में शादी के नाम पर ठगी का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने विवाह जैसे पवित्र रिश्ते के नाम पर बढ़ते छल और सामाजिक विसंगतियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शहर की एक कॉलोनी निवासी युवक ने श्रीगंगानगर जिले में एक बिचौलिए के माध्यम से विवाह किया। परिवार के अनुसार, शादी के लिए करीब साढ़े तीन लाख रुपए खर्च किए गए। युवक और उसके परिजन को उम्मीद थी कि विवाह के बाद घर-परिवार बसेगा और जीवन को नया सहारा मिलेगा। लेकिन शादी की खुशी दूसरे ही दिन उस समय चिंता और परेशानी में बदल गई, जब नवविवाहिता कपड़े खरीदने के बहाने अपने कथित भाई के साथ फरार हो गई।
परिवार के अनुसार, युवक की शादी हाल ही में श्रीगंगानगर में कराई गई थी। विवाह के बाद दुल्हन को ब्यावर स्थित घर लाया गया। नई बहू के घर पहुंचने पर परिवार में खुशी का माहौल था। परिजन ने उसका स्वागत किया और भविष्य को लेकर कई सपने संजोए। उन्हें इस बात का अंदाजा नहीं था कि यह खुशी महज एक दिन की साबित होगी।
परिजन के मुताबिक, शादी के अगले ही दिन एक युवक घर पहुंचा। नवविवाहिता ने उसे अपना भाई बताया। परिवार ने भी रिश्ते की सामाजिक मर्यादा और व्यवहारिकता को देखते हुए उस पर संदेह नहीं किया। दुल्हन ने अपने और भाई के लिए कपड़े खरीदने की इच्छा जताई। इसके बाद दूल्हा, दुल्हन और उसका कथित भाई खरीदारी के लिए बाजार गए।
खरीदारी के दौरान दुल्हन ने आगे एक दुकान से और कपड़े खरीदने की बात कही। इसी दौरान वह अपने कथित भाई के साथ वहां से निकल गई। परिवार के अनुसार, दोनों दूल्हे की मोटरसाइकिल भी अपने साथ ले गए। बाद में मोटरसाइकिल राजमार्ग पर लावारिस हालत में मिली। इसके बाद दुल्हन और उसके कथित भाई की तलाश शुरू की गई, लेकिन उनका पता नहीं चल सका।
दुल्हन के अचानक चले जाने के बाद परिवार के सामने कई सवाल खड़े हो गए हैं। परिजन अब शादी करवाने वाले बिचौलिए की तलाश कर रहे हैं। उनका आरोप है कि विवाह के लिए बड़ी रकम खर्च की गई थी। साथ ही दुल्हन को दिए गए जेवर और अन्य सामान भी वापस नहीं मिले हैं। परिवार इन वस्तुओं और रकम की वापसी के लिए बिचौलिए से संपर्क करने का प्रयास कर रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, विवाह तय करने से पहले वर-वधू दोनों पक्षों की पहचान, स्थायी पता, परिवार की जानकारी और पूर्व वैवाहिक स्थिति का सत्यापन जरूरी है। बिचौलिए के भरोसे विवाह तय करने की बजाय संबंधित व्यक्ति और उसके परिवार की स्वतंत्र रूप से जानकारी जुटाना आवश्यक है। रकम, जेवर या अन्य सामान देने से पहले भी पर्याप्त सावधानी बरतनी चाहिए।