कई नए कोर्स शुरू होंगे यूनिवर्सिटी परिसर में।
अजमेर.
कोरोना लॉकडाउन और अवकाश के चलते महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय की परेशानियां बढ़ेंगी। विश्वविद्यालय को सत्र 2020-21 में शुरू होने वाले नए और पुराने कोर्स के सिलेबस तैयार करने हैं। विशेषज्ञों को बुलाना और पाठ्यचर्या समिति की बैठक कराना आसान नहीं होगा।
विश्वविद्यालय और इससे सम्बद्ध अजमेर, नागौर, टोंक और भीलवाड़ा के कॉलेज में लॉ, कला, वाणिज्य, विज्ञान, ललित कला, प्रबंधन, सामाजिक विज्ञान संकाय से जुड़े कोर्स चलते हैं। यह स्नातक और स्नातकोत्तर स्तरीय पाठ्यक्रम हैं। नियमानुसार विश्वविद्यालय की पाठ्यचर्या समिति (बोर्ड ऑफ स्टडीज) विषयवार पाठ्यक्रम तैयार करती हैं। समितियों में विभिन्न कॉलेज और यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर, रीडर और विशेषज्ञ शामिल किए जाते हैं।
नए सत्र में चलेंगे ये कोर्स
चार वर्षीय बीए-बीएससी बीएड, 2 और 5 वर्षीय एलएलबी कोर्स, बीपीएड और एमपीएड, बीए/एम.ए फाइन आट्र्स कोर्स, डी-फार्मा और बी-फार्मा कोर्स, एमएससी फिजिक्स और एमएससी केमिस्ट्री कोर्स, बीसीए ऑनर्स और पीजीडीसीए, एमबीए इन सर्विसमैनेमेंट, एमबीए इन एग्जिक्यूटिव मैनेजमेंट, एमबीए इन ट्रेवल एन्ड टूरिज्म कोर्स, केमिस्ट्री, पर्यावरण विज्ञान, बॉटनी-जूलॉजी में सेल्फ फाइनेंसिंग कोर्स
सिलेबस बनाना चुनौती
विश्वविद्यालय को नए और पुराने कोर्स के सिलेबस तैयार करने हैं। कोरोना लॉकडाउन के चलते फिलहाल पाठ्यचर्या समिति की बैठक होना मुश्किल है। विशेषज्ञों-शिक्षकों को दूसरे शहरों से बुलाना और सोशल डिस्टेंसिंग की पालना कराना भी कम सिरदर्द नहीं है।
लॉकडाउन खत्म होने और सामान्य स्थिति होते ही हम बोर्ड ऑफ स्टडीज की बैठक बुलाएंगे। सिलेबस तैयार कर वेबसाइट पर अपलोड करेंगे।
प्रो. आर. पी. सिंह, कुलपति मदस विश्वविद्यालय