
अजमेर. कोरोना वायरस (corona virus) के चलते ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह (dargah sharif) में भी शुक्रवार से केवल धार्मिक रसूमात होंगी। दरगाह में आम जायरीन का प्रवेश हालांकि पूरी तरह से बंद नहीं किया गया लेकिन जायरीन की संख्या नहीं के बराबर करने के लिए गुरुवार देर शाम से ही प्रयास शुरू कर दिए गए। दरगाह में 6 में से 4 गेट बंद कर दिए गए हैं। बाहर से आए हुए जायरीन से अपने घर लौट जाने के लिए कहा जा रहा है। साथ ही जिन लोगों ने दरगाह आने का कार्यक्रम बना रखा है, उनसे दरगाह यात्रा टालने की अपील की जा रही है। इस संबंध में जिला कलक्टर विश्वमोहन शर्मा की अध्यक्षता में गुरुवार शाम दरगाह से जुड़ी संस्थाओं के पदाधिकारियों के साथ बैठक हुई। दरगाह पूरी तरह से बंद की जाएगी या नहीं, इस संबंध में अधिकृत रूप से कोई बोलने को तैयार नहीं है।
बैठक में पुलिस अधीक्षक कुंवर राष्ट्रदीप, दरगाह कमेटी अध्यक्ष अमीन पठान, अंजुमन सचिव वाहिद हुसैन अंगारा शाह, दरगाह दीवान के पुत्र नसीरूद्दीन चिश्ती सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
यह किए जा रहे हैं प्रयास
-दरगाह के केवल दो गेट (निजाम गेट और छतरी गेट) खुले रहेंगे
-दरगाह में जायरीन को रुकने नहीं दिया जाएगा
-नमाज घरों में ही पढऩे की अपील की जा रही है।
-दरगाह कमेटी का गेस्ट हाउस खाली करवाया जा रहा है
-दरगाह क्षेत्रों के होटलों को भी खाली करवा दिया जाएगा
-दरगाह में प्रवेश करने वाले प्रत्येक व्यक्ति की थर्मल स्क्रीनिंग की जाएगी।
-दरगाह क्षेत्र के बाजार दो दिन बंद रखे जाएंगे