अजमेर

मंडराया इस खास परीक्षा पर संकट, सीबीएसई नहीं कर पा रहा कोई फैसला

www.patrika.com/rajasthan-news

2 min read
Jul 21, 2018
CTET exam 2018

अजमेर

स्कूल में शिक्षक बनने के इच्छुक अभ्यर्थियों का इंतजार खत्म होता नहीं दिख रहा है। सीबीएसई की केंद्रीय अध्यापक पात्रता परीक्षा (सीटेट) के ऑनलाइन फार्म भरने शुरू नहीं हुए हैं। एक महीने से अभ्यर्थियों को अधिसूचना का इंतजार है।

ये भी पढ़ें

राजभवन के इस लेटर ने मचाई हलचल, टैंशन में आए सभी विश्वविद्यालयोंके कुलपति

स्कूल में शिक्षक बनने के लिए सीबीएसई के तत्वावधान में केंद्रीय अध्यापक पात्रता परीक्षा (सीटेट) कराई जाती है। साल 2015-16 तक परीक्षा फरवरी और सितम्बर में कराई जाती रही थी। इसके तहत अंतिम बार 18 सितम्बर 2016 को यह परीक्षा हुई थी। बीती जून में सीबीएसई ने सीटेट कराने की सूचना वेबसाइट पर जारी की। इसके ऑनलाइन फार्म 22 जून से भरे जाने थे। लेकिन एक दिन पहले बोर्ड ने अपरिहार्य कारण बताते हुए फार्म भरने की नई तिथि जल्द घोषित करने की सूचना जारी की। तबसे परीक्षा पर असमंजस बना हुआ है।

एजेंसी कराएगी परीक्षा!
मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी का गठन किया है। नीट, जेईई मेन्स, नेट-जेआरएफ परीक्षा का कामकाज एजेंसी को सौंपा गया है। यह परीक्षाएं अब तक सीबीएसई करा रहा था। संभवत: सीटेट भी एजेंसी ही करा सकती है। हालांकि इसको लेकर मंत्रालय ने स्थिति साफ नहीं की है।

यूं होती है सीटेट

केंद्र सरकार ने सीबीएसई, केंद्रीय विद्यालय, जवाहर नवोदय और अन्य स्कूल में प्राथमिक और उच्च प्राथमिक और अन्य स्तर पर शिक्षकों की भर्ती के लिए केंद्रीय अध्यापक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण करना जरूरी किया है। विभिन्न प्रदेशों में भी राज्य स्तरीय परीक्षा कराई जाती है। मालूम हो कि पूर्व में मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने नेट-आरएफ की तरह सीटेट भी प्रतिवर्ष एक बार कराने का फैसला लिया लेकिन 20 महीने तक कोई अधिसूचना जारी नहीं हुई। नौजवानों की नाराजगी और बढ़ते दबाव के चलते इस वर्ष सीटेट कराने का फैसला किया गया है।

परम्पराएं भूल रहे हैं सरकार के मंत्री

प्रदेश के विश्वविद्यालयों के दीक्षान्त समारोह अब राजनैतिक 'मंच बनने लगे हैं। मंत्रियों और विधायकों में राज्यपाल के साथ मंच पर बैठने की होड़ चल पड़ी है। यह स्थिति महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्याल के नवें दीक्षान्त समारोह में भी नजर आने वाली है। जबकि पूर्व में दीक्षान्त समारोह में परम्पराओं का विशेष ख्याल रखा जाता रहा है।
केंद्रीय और राज्य स्तरीय विश्वविद्यालयों, इंजीनियरिंग, मेडिकल कॉलेज और अन्य संस्थाओं में दीक्षान्त समारोह होते हैं। यह किसी भी संस्था का भव्य आयोजन होता है। साथ ही संबंधित संस्थान के परिसर की गरिमा बढ़ाता है। देश-दुनिया से विद्यार्थी, शोधार्थी, अतिथि परिसर को देखने और समारेाह में शामिल होने आते हैं। दीक्षान्त समारोह के लिए सभी विश्वविद्यालयों और संस्थाओं ने कुछ परम्पराएं बनाई हैं।

ये भी पढ़ें

pics – चौंक गए ना आप भी ,जी हां ये कोई शिमला मनाली नहीं बल्कि अजमेर की खूबसूरत तस्वीरें हैं

Published on:
21 Jul 2018 07:22 am
Also Read
View All