अजमेर

Ajmer Crime: गूगल पर सर्च किया कस्टमर केयर नंबर तो साइबर ठगों ने बना लिया निशाना, बैंक अधिकारी बनकर ठगे 3.60 लाख रुपए

Cyber Crime From Ajmer Youth: अजमेर में एक युवक को साइबर ठगों ने फर्जी कस्टमर केयर नंबर के जरिए अपना शिकार बना लिया। बैंक अधिकारी बनकर ठगों ने क्रेडिट कार्ड सहायता के बहाने जानकारी हासिल की और खाते से 3.59 लाख रुपए निकाल लिए।
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Jul 29, 2026
Ajmer Fraud
AI जनरेटेड प्रतीकात्मक तस्वीर

क्रेडिट कार्ड संबंधी सहायता के लिए गूगल पर हेल्पलाइन नम्बर सर्च करना एक युवक को भारी पड़ा। फर्जी कस्टमर केयर नम्बर के जरिए साइबर ठगों ने खुद को बैंक और क्रेडिट कार्ड कम्पनी का अधिकारी बताकर विश्वास में ले लिया। फिर विभिन्न ट्रांजेक्शन के माध्यम से उसके खाते से 3 लाख 59,933 रुपए की निकासी कर ली। जयपुर एटीएस-एसओजी की ओर से भेजी गई जीरो नम्बर एफआईआर के आधार पर साइबर थाने से प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान शुरू कर दिया है।

पुलिस के अनुसार पारस हाइट अपार्टमेंट निवासी हेनरी माथुर ने रिपोर्ट में बताया कि वह अपने क्रेडिट कार्ड से जुड़ी जानकारी और सहायता के लिए गूगल पर हेल्पलाइन नम्बर तलाश रहे थे। सर्च के दौरान उन्हें एक ग्राहक सेवा नम्बर मिला। कॉल करने पर सामने वाले ने खुद को संबंधित बैंक एवं क्रेडिट कार्ड कम्पनी का प्रतिनिधि बताते हुए सहायता का भरोसा दिलाकर बातचीत शुरू की।

क्रेडिट कार्ड प्रक्रिया के बहाने हासिल की जानकारी

हेनरी माथुर के अनुसार ठगों ने क्रेडिट कार्ड आवेदन अन्य औपचारिकताओं के नाम पर आवश्यक जानकारी हासिल कर ली। इसके बाद अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए उसके बैंक खाते से 3 लाख 59,933 रुपए की निकासी कर ली। रकम निकलने की जानकारी मिलने पर पीड़ित हेनरी माथुर को ठगी का एहसास हुआ।

जयपुर में जीरो नम्बर एफआईआर

ठगी का पता चलने के बाद पीड़ित हेनरी माथुर ने राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर साइबर पुलिस थाना एटीएस-एसओजी जयपुर में जीरो नम्बर एफआईआर दर्ज की। बाद में मामले को क्षेत्राधिकार के आधार पर अजमेर साइबर थाने भेज दिया गया। साइबर थाने की टीम प्रकरण की पड़ताल में जुटी है।

रकम की ट्रेल और ठगों की पहचान में जुटी पुलिस

हेड कांस्टेबल हितेंद्र बागड़ी ने बताया कि जीरो एफआईआर से अजमेर साइबर थाने में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस साइबर ठगों की पहचान, बैंक खातों और ट्रांजेक्शन की ट्रेल खंगाल रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि ठगी में किन-किन खातों और डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल किया गया।

यह रखें ख्याल-सावधानी जरूरी

साइबर विशेषज्ञों देवेन्द्र कुमार के अनुसार किसी भी बैंक, कंपनी का हेल्पलाइन नंबर उसकी आधिकारिक वेबसाइट, मोबाइल ऐप या आधिकारिक दस्तावेज से ही प्राप्त करें। गूगल सर्च पर दिखने वाला कोई भी नंबर पर भरोसा करने से पहले उसकी प्रामाणिकता अवश्य जांच लें। किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर बैंकिंग या ओटीपी संबंधी जानकारी साझा करने से बचें।

Updated on:
29 Jul 2026 08:35 am
Published on:
29 Jul 2026 08:35 am