भारत में तेजी से मधुमेह रोग बढऩा चिंताजनक है। आहार में शर्करा की कैलोरी मात्रा 30 प्रतिशत से अधिक नहीं होनी चाहिए।
अजमेर.
मधुमेह (diabetes )में केटोजैनिक डाइट काफी फायदेमंद होती है। रोगी चिकित्सीय परामर्श के अनुसार इसका प्रयोग करता है, तो इंसुलन (insulin) लेने पर काफी हद तक नियंत्रण रहता है। यह बात अमरीका के डॉ. रवि. के. केमेपिल्लई ने मधुमेह जागरुकता और नियंत्रक संगोष्ठी में कही।
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महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय (mdsu ajmer) के खाद्य एवं पोषण विभाग के तत्वावधान में आयोजित संगोष्ठी में डॉ. रवि ने कहा कि भारत में तेजी से मधुमेह रोग (diabetic) बढऩा चिंताजनक है। आहार में शर्करा (sugar) की कैलोरी मात्रा 30 प्रतिशत से अधिक नहीं होनी चाहिए। शरीर बकाया कैलोरी की आपूर्ति प्रोटीन और वसा से करता है। मधुमेह में केटोजैनिक डाइट (ketogenic dite) काफी फायदेमंद होती है।
इसमें पत्तेदार सब्जी (vegetables), मेथी, अखरोट और अन्य शामिल होते हैं। डॉ. रजनीश सक्सेना ने कहा कि मधुमेह लाइलाज बीमार नहीं है। डाइबिटिकि फुट और रेटिनोपैथी से इसका उपचार किया जा सकता है। विभागाध्यक्ष प्रो. भारती जैन, प्रो. ऋतु माथुर, प्रो. अरविंद पारीक और अन्य मौजूद रहे।
लुढक़ा पारा, मौसम में बढ़ी ठंडक
नवंबर के दूसरे पखवाड़े में सर्दी की रंगत बढ़ रही है। हिमालयी क्षेत्र में हुई बर्फबारी, पश्चिमी विक्षोभ से बरसात और ठंडी हवाओं से मौसम सर्द हो गया है। रविवार को सुबह से ठंडक बनी हुई है। कई लोग गर्म कपड़े पहने दिखे। न्यूनतम तापमान लुढकऱ 17 से 18 डिग्री तक पहुंच गया है।
सुबह धूप निकलने से पहले मौसम सर्द रहा। मौसम में हल्की धुंध छाई रही। हवा में भी ठंडापन महसूस हुआ। सूरज के निकलने के बाद मौसम सामान्य हुआ। इसके बाद दिनभर धूप में तेजी है, लेकिन मौसम में ठंडापन भी कायम है। अधिकतम तापमान 29.7 डिग्री के आसपास रिकॉर्ड किया गया है।
साल 2017 का नवंबर ज्यादा सर्द
साल 2017 का नवंबर का दूसरा पखवाड़ा बीते दो साल में ज्यादा सर्द था। उस साल न्यूनतम पारा 16 से 25 नवंबर के बीच 8.7 से 11.0 डिग्री तक पहुंच गया था।
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