अजमेर

राजस्थान में छठे टाइगर रिजर्व का विस्तार; 5 जिलों तक फैलेगा कुंभलगढ़ का बफर जोन

NTCA Approval Tiger Reserve: कुंभलगढ़ टाइगर रिजर्व योजना को पूर्ण रूप से लागू करने का रास्ता साफ हो गया है। राजस्थान सरकार ने कुंभलगढ़-टॉडगढ़-रावली अभयारण्य की चौड़ाई बढ़ाने का निर्णय किया था। इसके लिए ब्यावर, पाली और राजसमंद जिलों में आवश्यक जमीन चिन्हित कर वन विभाग के नाम कर दी गई है। कुंभलगढ़ टाइगर रिजर्व का विस्तार प्रदेश के पांच जिलों की सीमाओं तक होगा।

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Mar 13, 2026
कुंभलगढ़ टाइगर रिजर्व,पत्रिका फाइल फोटो

NTCA Approval Tiger Reserve: कुंभलगढ़ टाइगर रिजर्व योजना को पूर्ण रूप से लागू करने का रास्ता साफ हो गया है। राजस्थान सरकार ने कुंभलगढ़-टॉडगढ़-रावली अभयारण्य की चौड़ाई बढ़ाने का निर्णय किया था। इसके लिए ब्यावर, पाली और राजसमंद जिलों में आवश्यक जमीन चिन्हित कर वन विभाग के नाम कर दी गई है। कुंभलगढ़ टाइगर रिजर्व का विस्तार प्रदेश के पांच जिलों की सीमाओं तक होगा। इसमें पाली जिले के बाली और सिरोही जिले के पिंडवाड़ा तक इसका बफर जोन तय किया जा सकता है।

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बनेगा छठा टाइगर रिजर्व

वर्तमान में राज्य में रणथंभौर, सरिस्का, मुकुंदरा, रामगढ़ विषधारी और करौली-धौलपुर बाघ परियोजना संचालित हैं। बफर जोन तय करने के लिए 11 सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया था, जिसने एनटीसीए की आपत्ति का निस्तारण करते हुए अभयारण्य की चौड़ाई बढ़ाने का सुझाव दिया।

वन विभाग ने चिन्हित क्षेत्र को अभयारण्य में शामिल करने के लिए आवश्यक कार्रवाई कर दी है। नोटिफिकेशन जारी होने के बाद कुंभलगढ़ राजस्थान का छठा टाइगर रिजर्व बनेगा। गौरतलब है कि भीम विधायक हरिसिंह रावत ने कुंभलगढ़ बाघ परियोजना के अनुमोदन और अभ्यारण्य की चौड़ाई बढ़ाने का मामला विधानसभा में उठाया। वन मंत्री ने सदन को परियोजना की वर्तमान स्थिति की जानकारी दी।

कमेटी की रिपोर्ट में कोर और बफर क्षेत्र तय

समिति ने प्रस्तावित टाइगर रिजर्व के कोर एरिया, क्रिटिकल टाइगर हेबिटेट, बफर और पैराफेरी एरिया का निर्धारण किया है। कोर एरिया में आने वाले गांवों के विस्थापन की रूपरेखा भी समिति ने प्रस्तुत की है।

मिल चुकी है NTCA की सैद्धांतिक मंजूरी

राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) ने पिछले साल 22 अगस्त 2023 को कुंभलगढ़ बाघ परियोजना के लिए सैद्धांतिक सहमति दी थी। हालांकि, एनटीसीए ने कुंभगढ़-टॉडगढ़-रावली अभयारण्य की चौड़ाई कम होने का आक्षेप जताया था। इसके बाद ब्यावर, राजसमंद और पाली जिलों में अभयारण्य की चौड़ाई बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू हुई।

टॉडगढ़-रावली अभयारण्य में जंगल सफारी रूट

अभयारण्य में पहले से ही दो जंगल सफारी रूट हैं। गोमथड़ा से गोरमघाट और पिलानी से मोडिया। ये रूट पर्यटकों को वन्य जीवों के दीदार का आनंद लेने का अवसर देते हैं। हालांकि, अभी तक पर्यटकों के आंकलन की प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है, जिससे क्षेत्र के ग्रामीणों को सीधे लाभ मिल सके।

दो नए सफारी रूट प्रस्तावित

अभयारण्य में दो नए रूट प्रस्तावित किए गए हैं। गोमथड़ा से गोरमघाट और फुलाद से गोरमघाट। इन नए रूट्स से क्षेत्र में आने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी और स्थानीय रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

इनका कहना है…

टॉडगढ- रावली अभ्यारण्य का मामला सदन में उठाया था। जंगल सफारी शुरु होने से रोजगार के अवसर बढ़ेगे। स्थानीय लोगों को रोजगार मिल सकेगा। इसको लेकर विधानसभा में प्रश्न उठाया था।
-हरिसिंह रावत, विधायक, भीम

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