
अजमेर.
महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय के छात्रसंघ कार्यालय में छात्रों के बीच मारपीट हो गई। एमबीए द्वितीय वर्ष में अध्ययनरत छात्र के साथ बाहरी छात्र ने मारपीट की। इस दौरान दो टेबल के कांच टूट गए। पीडि़त छात्र ने सिविल लाइंस थाने को शिकायत दी। उधर विश्वविद्यालय प्रशासन ने बाहरी छात्र को पाबंद करने के अलावा हर्जाना देने को कहा है।
एमबीए द्वितीय वर्ष का छात्र मुकेश चौधरी छात्रसंघ कार्यालय में अध्यक्ष लोकेश गोदारा के साथ बैठा था। परस्पर गुटबाजी के चलते छात्र प्रदीप चौधरी और मुकेश में हाथपाई हो गई। दोनों के बीच विवाद बढऩे से अध्यक्ष गोदारा के कमरे सहित हॉल में रखी एक टेबल का कांच टूट गया। परस्पर मारपीट में कुर्सियां भी फेंकी गई।
पुलिस को शिकायत
सूचना मिलते ही चीफ प्रॉक्टर प्रो. सुब्रतो दत्ता, डीन छात्र कल्याण प्रो. अरविंद पारीक, प्रो. प्रवीण माथुर और कई छात्र मौके पर पहुंच गए। उन्होंने छात्रों से मामले की जानकारी लेकर तत्काल सिविल लाइंस थाने को सूचित किया। पीडि़त छात्र मुकेश ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि प्रदीप चौधरी कई दिन से उसे परेशान कर अपशब्द बोल रहा था। विश्वविद्यालय में आकर उसने मारपीट की, साथ ही मोबाइल लेकर भाग गया।
दोनों पक्षों में समझौता
थाने में शिकायत पहुंचने पर छात्र प्रदीप सहित उसके समर्थक भी सक्रिय हो गए। बातचीत के बाद दोनों पक्षों में समझौता हो गया। उधर विश्वविद्यालय ने प्रदीप को पाबंद कर दिया। साथ ही छात्रसंघ कार्यालय में हुई तोडफ़ोड़ का हर्जाना देने के आदेश दिए।
रैगिंग का मामला नहीं
छात्र मुकेश ने कई दिन से परेशान करने का हवाला देकर इसे रैगिंग बताया। लेकिन डीन छात्र कल्याण प्रो. पारीक और चीफ प्रोक्टर प्रो. दत्ता ने प्रदीप को बाहरी और दूसरे संस्थान का छात्र बताते हुए रैगिंग का मामला नहीं माना। नियमानुसार रैगिंग मामला किसी भी संस्थान के परिसर में अध्ययनरत विद्यार्थियों पर ही बनता है।