मदन गोपाल मार्ग, ट्रांसपोर्ट नगर-केसरगंज, महावीर गंज, कवंडसपुरा, श्रीटॉकीज,मूंदड़ी मोहल्ला, डिग्गी बाजार, ऊसरी गेट और अन्य इलाकों में पानी का बहाव तेज रहा।
अजमेर
भादौ की घनघोर घटाएं (clouds) शुक्रवार शाम से शनिवार तक बिना रुके बरसीं। लगातार बरसात से राहगीरों, कार्मिकों-अधिकारियों, मरीजों को जबरदस्त परेशानी उठानी पड़ी। झमाझम बारिश (heavy rain ) समूचे शहर को जलमग्न कर दिया।
शुक्रवार शाम 6 बजे से घनघोर घटाओं ने बरसना (barsat) शुरू कर दिया। यह शनिवार को नॉन स्टॉप (non stop rain) बरसती रही। वैशाली नगर, पंचशील, शास्त्री नगर, गुलाबबाड़ी, नाका मदार, आदर्श नगर नसीराबाद रोड, ब्यावर रोड, नाका मदार, चंदवरदायी नगर, रामगंज, अजय नगर, तारागढ़, फायसागर और आसपास के इलाकों में पानी का सैलाब (rain water)उमड़ पड़ा।
दफ्तरों-स्कूल-मैदान में पानी
शहर के पटेल मैदान, पुलिस लाइंस मैदान, चंदवरदायी स्टेडियम जीआरपी मैदान, शहर के सुभाष उद्यान, आजाद पार्क, कॉलोनियों के बगीचों सहित महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय, आरपीएससी, माध्यमिक शिक्षा बोर्ड कार्यालय, रेलवे, डाक विभाग, रेलवे क्वार्टर, रेलवे स्टेशन, मयूर स्कूल, मेयो कॉलेज गल्र्स स्कूल, जवाहरलाल नेहरू अस्पताल के वार्डों-गलियारों और अन्य दफ्तरों में पानी भर (water store) गया। लगातार बरसात से राहगीरों, कार्मिकों-अधिकारियों, मरीजों को जबरदस्त परेशानी उठानी पड़ी।
जलानी पड़ी वाहनों की लाइट
काली घटाओं के लगातार बरसने से सडक़ों पर एकबारगी कुछ नजर नहीं आया। दोपहिया, तिपहिया और चौपहिया वाहन चालकों को लाइट (head lights) जलानी पड़ी। कई जगह पानी भरने से वाहन चालकों और राहगीरों (persons) को पेड़ों और दुकानों के नीचे रुकना पड़ा। झमाझम बारिश और सडक़ों पर उफनते पानी (water on roads) से समूचा शहर प्रभावित हुआ।
पानी में फंसे वाहन
एलिवेटेड रोड निर्माण कार्य के चलते यातायात विभाग (transport dept) ने आगरा गेट से मदार गेट तक वन-वे ट्रेफिक व्यवस्था की है। भारी बारिश ने लोगों की परेशानियां बढ़ा दी। बापू नगर, आगरा गेट, सूचना केंद्र चौराहा-जयपुर रोड पर पानी भरने (inside water) सेकई वाहन फंस गए। मदन गोपाल मार्ग, ट्रांसपोर्ट नगर-केसरगंज, महावीर गंज, कवंडसपुरा, श्रीटॉकीज,मूंदड़ी मोहल्ला, डिग्गी बाजार, ऊसरी गेट और अन्य इलाकों में पानी का बहाव तेज रहा।
नगर निगम के दावे फेल
नगर निगम (nagar nigam) के बारिश पूर्व प्रमुख और इनसे जुड़े नालों की सफाई के दावे खोखले नजर आए। पानी नालों में बहने के बजाय सीधा सडक़ों-गलियों (streets) और घरों (houses)तक पहुंच गया। निगम के शहर की सफाई व्यवस्था और पानी निकासी व्यवस्था दुरुस्त करने के दावे धरे रह गए।