
Vishnu Singh Jaat Reveal Reason Of Murder: अजमेर के घूघरा स्थित हाई सिक्योरिटी जेल में कुख्यात दस्यु जगन गुर्जर की हत्या के मामले में जांच ने नया मोड़ ले लिया है। पुलिस पूछताछ में आरोपी विष्णुसिंह जाट ने खुलासा किया है कि उसने आवेश में नहीं, बल्कि जेल में एक अन्य के ‘उकसावे’ पर वारदात अंजाम दी। पूछताछ में किसी और की भूमिका भी सामने आने के बाद पुलिस अब इस हत्याकांड के पीछे किसी सुनियोजित साजिश की आशंका के मद्देनजर गहनता से पड़ताल में जुट गई है।
सिविल लाइंस थाना पुलिस ने शुक्रवार सुबह 11 बजे भरतपुर के अजान निवासी विष्णुसिंह जाट को प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार किया। पुलिस अभिरक्षा में लिए गए विष्णु से शुरुआती 3 घंटे सीओ नॉर्थ शिवम जोशी, थानाप्रभारी शम्भू सिंह शेखावत और उप निरीक्षक गिरीराज ने पूछताछ नोट तैयार किया। पहले तीन घंटे की पड़ताल में विष्णु ने वारदात में जेल में एक अन्य की भूमिका होने का खुलासा किया। इसके पश्चात देर शाम एसपी हर्षवर्धन अग्रवाला, एएसपी हिमांशु जांगिड़ ने उससे अलग से पूछताछ कर बताए गए तथ्यों का सत्यापन किया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार विष्णु से पूछताछ में सामने आया यह दूसरा व्यक्ति भी जगन गुर्जर के जेल के भीतर के व्यवहार से नाराज था। प्रारंभिक जानकारी के आधार पर पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि हत्या केवल व्यक्तिगत रंजिश का परिणाम ही थी या उसके पीछे कोई सुनियोजित षड़यंत्र रचा गया था।
पूछताछ पूरी होने के बाद पुलिस ने विष्णु जाट का दोपहर 3 बजे जवाहरलाल नेहरू अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराया। इससे पहले सुबह जेल से सिविल लाइंस थाने लाए जाने के दौरान मीडिया के सवालों पर विष्णु ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि 'जगन जेल में बंदियों पर रौब जमाता था। जगन निजी काम करवाता था, यहां तक कि अंडरगारमेंट तक धुलवाता था। उसके अभद्र व्यवहार से वह परेशान था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ, जिसके बाद उसने हत्या करने का मन बना लिया।'
हालांकि आरोपी ने व्यक्तिगत कारण भी बताए हैं लेकिन पूछताछ में दूसरे की कथित भूमिका सामने आने के बाद पुलिस अब हत्याकांड को केवल आपसी विवाद का मामला मानकर नहीं चल रही है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि हत्या के पीछे कोई सुनियोजित षड़यंत्र तो नहीं थी और यदि था तो उसमें और कौन-कौन लोग शामिल थे? अब जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक तस्वीर सामने आ सकेगी।
एसपी हर्षवर्धन अग्रवाला ने बताया कि अब तक की जांच में जगन गुर्जर की हत्या पूर्व नियोजित षड़यंत्र का हिस्सा होने के साक्ष्य नहीं मिले। जिस सेल में वारदात हुई, वहां लगा कैमरा पहले से खराब था। जेल रिकॉर्ड में जगन और विष्णु के बीच में विवाद, झगड़ा या शिकायत का कोई सबूत नहीं है। सीसीटीवी में उनके बीच सामान्य बातचीत, व्यवहार दिख रहा है।
प्रत्येक पहलू की गंभीरता से जांच की जा रही है। दूसरे की भूमिका सहित सभी तथ्य का सत्यापन किया जा रहा है। पूछताछ में विष्णु के मन में जगन के व्यवहार, टिप्पणियों से दुर्भावना पहले से पनपने लगी थी। हत्या का विचार भी आया था लेकिन वारदात को अंजाम नहीं दे सका। फिर 29 जून को जगन की सेल में अकेले ने गमछे से गला घोंटकर हत्या कर दी।
गत 29 जून को सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे के बीच हाई सिक्योरिटी जेल के वार्ड नंबर-2, ब्लॉक नंबर-4 की सेल नंबर-5 में हार्डकोर बंदी विष्णुसिंह जाट ने कुख्यात दस्यु जगन गुर्जर की गमछे से गला घोंटकर हत्या कर दी थी। वारदात के बाद 30 जून को न्यायिक मजिस्ट्रेट ने मेडिकल बोर्ड से शव का पोस्टमार्टम करवाया था। मौत का कारण निर्ममता से गमछे और हाथ से गला घोंटने से होना सामने आया।