
-जवाहर लाल नेहरू अस्पताल : करती हैं असुरक्षित महसूस
अजमेर. जवाहर लाल नेहरू चिकित्सालय में मरीजों के परिजन को आश्रय उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से बनाए गए आश्रय स्थल का उपयोग महिलाएं नहीं कर रही हैं। दिन में तो फिर भी कोई एक-आध महिला इसका उपयोग करती हैं लेकिन रात में कोई भी महिला यहां रुकना पसंद नहीं करती। इतना ही नहीं महिलाएं अस्पताल के बरामदे में सो जाती हैं लेकिन नगर निगम की ओर से संचालित इस नि:शुल्क सुविधा का उपयोग करने में हिचकिचाती हैं।
उपलब्ध हैं सभी सुविधाएं
आश्रय स्थल पर मौजूद कर्मचारी ने बताया कि यहां पर महिला व पुरुषों के ठहरने के लिए अलग-अलग व्यवस्था है। इसके साथ ही सोने के लिए बिस्तर व शौचालय बना हुआ है इसके बावजूद भी महिलाएं यहां उकना पसंद नहीं करती हैं।
बरामदे में सोना ज्यादा बेहतर
जेएलएन अस्पताल में पीसांगन से अपने बेटे का उपचार कराने आई शांति देवी ने बताया कि महिलाओं के साथ हो रही अपराध की घटनाओं के चलते किसी पर विश्वास नहीं किया जा सकता। यहां सारी सुविधाएं होने क े बाद भी यहां रहने में डर लगता है, इसलिए अकेले रहनो से अन्य महिलाओं के साथ बरामदे में सोना ठीक रहता है।