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अजमेर.
शहर में सक्रिय ठग गिरोह ने सेवानिवृत्त कर्मचारी (वरिष्ठजन) को लॉटरी का लालच देकर जाल में फांस लिया। आरोपित लॉटरी खुलने का झांसा देकर उनसे तीन लाख रुपए की नकदी लेकर चम्पत हो गए। दिनदहाड़े हुई वारदात के बाद पीडि़त को जब ठगे जाने का आभास हुआ तो वह पहले क्लॉक टावर फिर अलवर गेट थाने पहुंचा, लेकिन पुलिस उसको इधर-उधर टालती रही। पीडि़त ने एसपी राजेश सिंह के समक्ष गुहार लगाई।
अलवर गेट जवाहर जादूघर कॉलोनी निवासी नौरतमल ने बताया कि 4 अक्टूबर को वह परचूनी का सामान लेकर घर जा रहा था। मार्टिंडल ब्रिज पर बाइक सवार दो युवकों ने उनसे पता पूछा। उन्होंने अनभिज्ञता जाहिर कर दी। इसी दौरान एक युवक उनके पास आया। उसने विकलांग बच्चों के लिए कूपन खोलने की बात कही। पहले से आए दोनों युवकों ने उनसे उनके लिए कूपन खोलने की बात कही। उनके कहने पर उन्होंने कूपन खोला तो इनाम निकल गया।
फिर दूसरे युवक ने भी उनसे ही कूपन खुलवाया। उसके भी इनाम निकल गया। उन्होंने उनका भाग्य प्रबल होने की बात कहते हुए उनके लिए कूपन खुलवाया। उनके जोर देने पर उन्होंने अपने लिए कूपन खोला। इसमें 3 लाख रुपए की लॉटरी लग गई। इसी दौरान तीसरे युवक ने कहा कि अंकल चालीस कूपन बचे हैं। आप इन्हें खरीद लो और उसे तीन लाख रुपए दे दो। हम आपको आठ लाख रुपए का पैकेज यहां दे देंगे।
बैंक से निकाल दी रकम
नौरतमल ने बताया कि बाइक सवार हेलमेट पहना युवक उसके साथ घर गया, जहां से वह बैंक की पासबुक लेकर आए। वह उसे बैंक लेकर गया, लेकिन वह कुछ दूरी पर ठहर गया। उन्होंने तीन लाख रुपए खाते से निकाल कर उसको दे दिए। फिर तीनों युवक उसके नाम के फार्म की फोटो कॉपी कराने की बात कहकर बाइक पर निकल गए। उसे पैदल आने की बात कही। काफी देर तक केसरगंज चौराहे पर इंतजार के बाद कोई नहीं आया।
चक्कर लगवाती रही पुलिस
नौरतमल ने बताया कि वह अलवर गेट थाने पहुंचा, लेकिन उसको क्लॉक टावर थाने भेज दिया। क्लॉक टावर थाने पहुंचने पर घटनास्थल अलवर गेट थाने का बताते हुए उसको अलवर गेट जाओ कहकर चलता कर दिया। पुलिस ने उसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की। पीडि़त ने कहा कि वह आरोपितों के सामने आने पर पहचान कर सकता है।छह दिन में दूसरी वारदातठगों ने शहर में छह दिन में ठगी की दूसरी बड़ी वारदात अंजाम दी है। गिरोह ने 4 अक्टूबर की सुबह माकड़वाली रोड बालाजी नगर में फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर मीना पत्नी वासुदेव छबलानी से सोने की चूडिय़ां उतराई थी। पीडि़ता ने मामले में क्रिश्चियन गंज थाने में मामला दर्ज कराया था, लेकिन छह दिन बात भी ठगों का सुराग नहीं लग सका है।