Lord Shiva:सावन माह में रक्षाबंधन तक कावड़ यात्रा भी निकलेगी। कावडि़ए गाजे-बाजे के साथ पुष्कर सरोवर और अन्य जलाशयों से जल लाकर शिवालयों में अभिषेक करेंगे। झरनेश्वर महादेव सेवा समिति के तत्वावधान में सावन महोत्सव आयोजित किया गया।
अजमेर.
शिवालयों (shiva temples) में भगवान शंकर की पूजा-अर्चना जारी है। मंगलवार को भी मंदिरों में मंत्रोच्चार से रुद्राभिषेक, जलाभिषेक, पूजन का दौर चला। कावडिय़ों ने पुष्कर (pushkar ) से जल लाकर मंदिरों में अभिषेक किया।
केसरगंज, बिहारी गंज, नया बाजार, आंतेड़, आगरा गेट, वैशाली नगर, कोटड़ा, आदर्श नगर, कोटेश्वर महादेव मंदिर, मदार गेट, रामगंज और अन्य शिवालयों में लोगों ने बिल्व पत्र, पुष्प, हल्दी-चंदन, दूब, दूध और अन्य सामग्री से भगवान शिव (shivji), पार्वती (parvati), गणेश (ganesha), कार्तिकेय (kartikeya) और नंदी (nandi) की पूजा-अर्चना की। कई जगह मंत्रोच्चार और रुद्रिपाठ के साथ जलाभिषेक, रुद्राभिषेक हुआ। कावडि़ए (kawad yatra) नाचते-गाते पुष्कर से जल (holy water) लेकर पहुंचे।
दूसरा वन सोमवार 29 को
परम्परानुसार सावन का पहला वन 22 जुलाई को आया। धार्मिक (religion) मान्यता के अनुसार व्रत रखने वाली महिलाओं (womens) और बालिकाओं (girls) ने सुभाष उद्यान अथवा अन्य स्थानों पर जाकर भोजन किया। सावन माह में 29 जुलाई, 5 और 12 अगस्त को वन सोमवार आएंगे।
शिवालयों में पूजा-अर्चना
सुबह से शहर के आगरा गेट, कोटेश्वर महादेव मंदिर, शांतिपुरा स्थित सत्यनारायण मंदिर, लोकेश्वर महादेव, खानेश्वर महादेव, मदार गेट, रामगंज, केसरगंज,वैशाली नगर, कोटड़ा, आदर्श नगर, बिहारी गंज, नया बाजार, आंतेड़ और अन्य शिवालयों में पूजा-अर्चना (traditional worship) हुई। महिलाओं, पुरुषों, बच्चों, नौजवानों ने बिल्व पत्र, पुष्प, हल्दी-चंदन, दूब, दूध और अन्य सामग्री से भगवान भोलेनाथ, पार्वती, गणेश, कार्तिकेय और नंदी की पूजा की। कई जगह मंत्रोच्चार और रुद्रिपाठ के साथ जलाभिषेक, रुद्राभिषेक भी हुए।
निकलेगी कावड़ यात्रा
सावन माह में रक्षाबंधन (raksha bandhan) तक कावड़ यात्रा भी निकलेगी। कावडि़ए गाजे-बाजे के साथ पुष्कर सरोवर और अन्य जलाशयों से जल लाकर शिवालयों में अभिषेक करेंगे। झरनेश्वर महादेव सेवा समिति के तत्वावधान में सावन महोत्सव आयोजित किया गया।