अजमेर से नेपाल गए पर्यटक बॉर्डर पर फंस गए हैं। सोशल मीडिया बैन के बाद भड़की हिंसा में आगजनी और पत्थरबाजी को सामने से देखा। पर्यटक फिलहाल रक्सौल के पास होटल में रुके हुए हैं।
अजमेर: नेपाल में सोशल मीडिया पर प्रतिबंध के बाद उपजे हालात के चलते अजमेर जिले के पर्यटक भी बॉर्डर पर अटके हैं। नेपाल में हुई हिंसा और आगजनी को पर्यटकों ने करीब से देखा है। दोनों देशों के बॉर्डर पर सख्ती के चलते फिलहाल वह होटल में रुके हुए हैं।
बता दें कि अजमेर से 6 सितंबर को गोरखपुर ट्रेन से प्रदीप कच्छावा, वीना कच्छावा, गोपाल शर्मा, बीना शर्मा, समृद्धि और शिवांगी नेपाल के लिए रवाना हुए। 7 सितंबर को वह नेपाल पहुंच गए। तब तक वहां शांति थी। पोखरा की यात्रा तक कोई दिक्कत नहीं हुई। नेपाल सरकार के सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाने से 8 सितबर को हिंसा भड़क गई।
कच्छावा ने पत्रिका को फोन पर बताया कि 9 सितंबर को पर्यटकों को काठमांडू जाना था। लेकिन हिंसक भीड़ ने पर्यटकों को वापस लौटा दिया। रास्ते में जगह-जगह वाहन, टायर जलाने सहित भवनों में आगजनी देखी। जनरेशन जेड में जबरदस्त गुस्सा नजर आया। पत्थरबाजी, गोलीबारी, आंसू गैस के गोले फेंके जा रहे हैं। हालांकि, हिंसक भीड़ ने पर्यटकों को नुकसान नहीं पहुंचाया।
अजमेर सहित मध्यप्रदेश, गुजरात, एमपी, कर्नाटक के पर्यटकों के टूरिस्ट वाहन किसी तरह रक्सौल के निकट पहुंचे हैं। यहां उन्हें होटल लेकर ठहरना पड़ा है। नेपाल आर्मी और भारतीय सेना ने बॉर्डर सील कर दिए हैं। फिलहाल, पर्यटक वहीं अटके हैं।
कच्छावा ने बताया कि नेपाल में मोबाइल-टेलीफोन नेटवर्क को नुकसान पहुंचा है। पर्यटक फिलहाल होटल संचालक के फोन से परिजनों से बातचीत कर रहे हैं। ज्यादातर देशों के पर्यटक हालात से चिंतित हैं।