अजमेर

ये यूनिवर्सिटी लेती है स्टूडेंट्स की परीक्षा, खुद पास नहीं कर पाई यह एग्जाम

राजस्थान से महज एक निजी संस्थान को रैंकिंग मिल पाई थी। कई विश्वविद्यालयों ने आवेदन भी नही किया था।

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Apr 21, 2019
clean and green campus
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अजमेर.

देश के सभी विश्वविद्यालयों को स्वच्छता और हरियाली के आधार पर रेटिंग देना जारी है। अलबत्ता खुद यूनिवर्सिटी इस रैकिंग में कभी पास नहीं हो पाई है। दो साल पहले आई टीम के आकलन में यह कहीं टिक नहीं पाई थी।

यूजीसी ने देश के सभी विश्वविद्यालयों को स्वच्छता और हरियाली के आधार पर रेटिंग देने की योजना है। इसमें केंद्रीय और राज्य स्तरीय विश्वविद्यालयों, सरकारी और निजी कॉलेज को शामिल किया गया है। सभी संस्थाओं से बीते जुलाई में आवेदन मांगे गए थे। महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय ने भी इसमें आवेदन किया। इसके तहत यूजीसी के उच्च स्तरीय दल ने साल 2017 में 23 अगस्त को विश्वविद्यालय का निरीक्षण किया था। टीम ने महाराणा प्रताप भवन, चाणक्य भवन, कुलपति सचिवालय सहित विभिन्न भवनों और परिसर का दौरा किया। साथ ही कचरे का निष्पादन, हरियाली और अन्य बिन्दुओं को नोट किया।

नहीं मिली थी रैंकिंग
खुद को ग्रीन और क्लीन कैंपस बताने वाले विश्वविद्यालय को यूजीसी की टीम ने रैंकिंग नहीं दी। टीम ने कई बिन्दुओं पर विश्वविद्यालय को पिछड़ा माना था। राजस्थान से महज एक निजी संस्थान को रैंकिंग मिल पाई थी। कई विश्वविद्यालयों ने आवेदन भी नही किया था।

पिछले साल नहीं आई टीम
क्लीन और ग्रीन कैंपस योजना में आवेदन और यूजीसी टीम बुलाने को लेकर बीते साल कोई चर्चा नहीं की गई। विश्वविद्यालय स्तर पर इसकी कोई तैयारियां भी नहीं हुई। इस साल टीम आएगी या नहीं इसको लेकर असमंजस की स्थिति है।

Updated on:
19 Apr 2019 05:06 pm
Published on:
21 Apr 2019 09:44 am