अजमेर

mdsu ajmer: एनएसयूआई के शुभम और एबीवीपी के रामेश्वर में टक्कर

एनएसयूआई ने शुभम चौधरी पर भरोसा जताया। उधर छाबा को टिकट दिए जाने पर विश्वविद्यालय से जुड़े विद्यार्थी परिषद के अंदरखाने जबरदस्त विरोध हुआ।

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Aug 22, 2019
nsui and abvp candidates final

अजमेर.

नेताओं की दखल, बैठकों के दौर और ऊहापोह के बाद महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय (mdsu ajmer) के छात्रसंघ (cahtr sangh chunav) अध्यक्ष के नाम तय हो गए। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (abvp) ने रामेश्वर छाबा (rameshwar chaba) को अध्यक्ष (president) पद प्रत्याशी घोषित कर दिया। वहीं एनएसयूआई (nsui) ने शुभम चौधरी (shubham chaudhry) पर भरोसा जताया। उधर छाबा को टिकट (election ticket)दिए जाने पर विश्वविद्यालय से जुड़े विद्यार्थी परिषद के अंदरखाने (in house) जबरदस्त विरोध हुआ। कई छात्रनेता परिषद के कार्यालय भी पहुंच गए।

विश्वविद्यालय में अध्यक्ष पद प्रत्याशी को लेकर पिछले चार-पांच दिन से जबरदस्त अंर्तकलह (diffrence)की स्थिति बनी हुई थी। एनएसयूआई (nsui) में कभी शुभम चौधरी तो कभी रामेश्वर छाबा के नाम चले। एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष फिरोज खान (firoz khan), प्रदेशाध्यक्ष अभिमन्यु पूनिया (abhimanyu punia), डीडवाना विधायक चेतन डूडी (chetan dudi) सहित अन्य कांग्रेस (congress) नेताओं तक इनके नाम पर अड़े रहे। लेकिन एनएसयूआई ने अंतत: शुभम चौधरी के नाम (name final)पर मुहर लगा दी।

छाबा पर अभाविप को भरोसा
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (abvp) में भी अंर्तविरोध जारी था। विभाग संगठन मंत्री सोहन शर्मा (sohan sharma), प्रांत सह मंत्री मेहुल गर्ग (mehul garg) सहित अन्य पदाधिकारियों में वार्ताओं के दौर चले। अंतत: रामेश्वर छाबा को विश्वविद्यालय से टिकट दिया। छाबा के नाम पर मुहर लगते ही विद्यार्थी परिषद के पुराने कार्यकर्ता (former workers), छात्रनेता (students leader) में नाराजगी बढ़ गई। कई पदाधिकारी हाथीभाटा स्थित विद्यार्थी परिषद के कार्यालय (abvp office) विरोध दर्ज कराने भी पहुंचे।

दोनों प्रत्याशियों की प्राथमिकताएं...
-तत्काल वैकल्पिक कुलपति और कुलसचिव की नियुक्ति
-गल्र्स और बॉयज हॉस्टल की मरम्मत
-विभागवार शिक्षकों की नियुक्ति
-परिसर में नए जॉब ओरिएन्टेड कोर्स
-विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने का प्रयास

Published on:
22 Aug 2019 08:00 am
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