अजमेर

Muharraum: निकला अलम का पारंपरिक जुलूस

जुलूस खामोशी केसाथ छतरी गेट से रवाना होकर डोलियान चौक होता हुआ खादिम मोहल्ला स्थित इमामबाड़ा पहुंचा।
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Updated: 6 Sep 2019, 7:50 AM IST
muharraum in ajmer
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अजमेर.

मोहर्रम (muhurraum) से जुड़े रसूमात (traditions) जारी हैं। दरगाह क्षेत्र में हजरत अब्बास अलमदार की याद में अलम का जुलूस निकाला गया। जुलूस (procession) में बड़ी संख्या में अकीदतमंद (pilgrims) शामिल हुए। जायरीन और आमजन में अलम को चूमने की होड़ मची रही।

परम्परा अनुसार खादिम (khadims of dargah) समुदाय के बच्चे (childs), बुजुर्ग (elderly person) और जवान (youths) हरे रंग के कुर्ते पहनकर छतरी गेट स्थित इमामगाह (imamgah) पहुंचे। सभी ने शहीदों की याद में सीधे हाथ के बाजू पर इमाम जामिन बांधने के अलावा फकीरी पहनी। जुलूस खामोशी केसाथ छतरी गेट से रवाना होकर डोलियान चौक होता हुआ खादिम मोहल्ला स्थित इमामबाड़ा पहुंचा। यहां अलम पेश करने के बाद शहीदों की याद में सलाम पेश किया गया।

चांदी के ताजिए की जियारत
खादिम एस.एफ. हसन चिश्ती के मुताबिक परम्परानुसार चांदी का ताजिया (tazia sharif )लंगरखाना इमामगाह से दरगाह परिसर स्थित महफिल खाना (mafil khana) की सीढिय़ों पर रखा गया। यहां सैकड़ों अकीदतमंद ने चांदी की ताजिए (silver tazia) की जियारत की। जायरीन ने ताजिया शरीफ पर फूल पेश कर दुआ मांगी। इसके अलावा बाबा फरीद (baba farid) की फातिहा की दुआ भी पढ़ी गई।

महाना छठी पर आए जायरीन
ख्वाजा गरीब नवाज (khwaza garib nawaz) की महाना छठी शुक्रवार को मनाई जाएगी। छठी की दुआ और मिनी उर्स में शामिल होने के लिए हजारों जायरीन (pigrims) अजमेर पहुंच चुके हैं। कायड़ विश्राम स्थली, गंज चौराहा, दिल्ली गेट और दरगाह बाजार (dargah market) में जायरीन की रौनक बनी हुई है।

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