
students agitation in ajmer
अजमेर.
महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय (mdsu ajmer) का मुख्य द्वार गुरुवार को एक घंटे छात्र-छात्राओं के कब्जे (main gate capture) में रहा। विद्यार्थियों में 31 जुलाई के बाद प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को खेलकूद प्रतियोगिताओं (sports activities) में भाग नहीं लेने के नियम पर नाराजगी दिखी। उन्होंने विश्वविद्यालय खेल बोर्ड सचिव (sports board seceratary) के खिलाफ नारेबाजी और प्रदर्शन किया।
दयानंद कॉलेज छात्रसंघ अध्यक्ष सीताराम चौधरी, पूर्व विश्वविद्यालय छात्रसंघ अध्यक्ष लोकेश गोदारा सहित अन्य विद्यार्थियों ने वश्वविद्यालय के प्रवेश द्वार (main gate) पर कब्जा जमा लिया। छात्र-छात्राएं मुख्य द्वार पर बैठ गए। उन्होंने खेल बोर्ड सचिव और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी और प्रदर्शन किया। सूचना मिलने पर चीफ प्रोक्टर (chief proctor) प्रो. सुब्रतो दत्ता मौके पर पहुंचे।
यह है मुद्दा
छात्रसंघ अध्यक्ष सीताराम ने बताया कि खेल बोर्ड ने 31 जुलाई के बाद कॉलेज में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों पर खेलकूद गतिविधियों में भाग नहीं लेने का नियम लागू किया है। यह पूर्व तरह असंवैधानिक (un constitutional) है। एक तरह विश्वविद्यालय की सालाना परीक्षाएं (annual examination) देरी से हुई हैं। अब तक कई परिणाम बकाया (result awaited) हैं। इनमें बीपीएड (B.ped) और अन्य परिणाम शामिल हैं। कई निजी कॉलेज में विद्यार्थी (college students) 31 जुलाई तक कॉलेज में प्रवेश नहीं ले पाए हैं। यह नियम विश्वविद्यालय ने जबरन थोपा है।
नहीं होने देंगे कोई प्रतियोगिता
पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष लोकेश गोदारा ने चेताया कि खेलकूद स्पर्धाओं (sports) में विद्यार्थियों के साथ (students) अन्याय हो रहा है। विश्वविद्यालय ने शर्त/नियम (rules-regulation)नहीं हटाया तो किसी कॉलेज में अंतर कॉलेज खेलकूद स्पर्धाएं नहीं होने दी जाएंगी।
छात्रों ने खेल बोर्ड के नियम को लेकर ज्ञापन दिया है। इसका उच्च स्तरीय परीक्षण कराया जाएगा।
भागीरथ सोनी, कार्यवाहक कुलसचिव मदस विश्वविद्यालय
Published on:
5 Sep 2019, 5:03 PM IST
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