Ajmer Congress leader family murder mystery: राजस्थान के अजमेर जिले में कांग्रेसी नेता रामसिंह चौधरी सहित परिवार के 4 लोगों की मौत मामले में अब नया मोड़ आ गया है। जांच में जुटी पुलिस को मौके से और मृतक के घर के अंदर से अहम सुराग मिले है।
अजमेर। राजस्थान के अजमेर जिले में कांग्रेसी नेता रामसिंह चौधरी सहित परिवार के 4 लोगों की संदिग्ध मौत मामले में अब नया मोड़ आ गया है। जांच में जुटी पुलिस को मौके से और मृतक के घर से अहम सुराग मिले है। ऐसे में पुलिस का कहना है कि हत्या की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है। फिलहाल, पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। माना जा रहा है कि बोराड़ा थाना पुलिस जल्द ही पूरे मामले का खुलासा करेगी।
जानकारी के अनुसार स्थानीय लोगों को बोराड़ा थाना क्षेत्र के श्रीरामपुरा गांव से एक किलोमीटर दूर गुरुवार सुबह 5.30 बजे सड़क किनारे एक जलती हुई एसयूवी दिखाई दी। इस पर लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस को एसयूवी में पीछे की सीट पर तीन शव मिले। वहीं, महिला का शव खेत में पड़ा हुआ था। पुलिस ने आसपास से मंगाए गए टैंकरों से एसयूवी में लगी आग पर काबू पाया। इसके बाद शवों को बाहर निकलवाया। पूर्व सरपंच की पत्नी और जिला परिषद सदस्य सुरज्ञान देवी के गले पर खून के निशान मिले हैं। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए सरकारी अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया।
सूचना मिलते ही अजमेर जिला पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाला सहित उपाधीक्षक आयुष वशिष्ठ, बोराड़ा थाना अधिकारी सूर्यभान सिंह और अरांई थाना अधिकारी रोशन सामरिया भी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने जब घर के अंदर तलाशी ली तो हैरान कर देने वाला खुलासा हुआ। घर के अंदर भी खून के धब्बे मिले। वहीं, एक ट्रैक्टर की डीजल टैंक की नली पर भी खून की धब्बे थे। ऐसे में माना जा रहा है कि हत्या के बाद एक ही परिवार के चार लोगों को जलाने की कोशिश की गई। वारदात में इस्तेमाल धारदार हथियार बरामद कर लिया है।
जांच में सामने आया है कि रामसिंह चौधरी ने दो शादी की थी। पहली पत्नी से उनके दो बच्चे है। जबकि दूसरी पत्नी सुरज्ञान देवी के कोई संतान नहीं है। पूछताछ के लिए पुलिस रामसिंह की पहली पत्नी, बेटे और परिवार को थाने लेकर गई है। अजमेर एसपी हर्षवर्धन अग्रवाला ने बताया कि घटना के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है, लेकिन पुलिस इसे हत्या मानकर जांच कर रही है।
पुलिस को श्रीरामपुरा निवासी पूर्व सरपंच रामसिंह चौधरी, उनकी मां व पूर्व सरपंच पूसी देवी, पत्नी सुरज्ञान देवी और भांजी महिमा के शव अधजली हालत में मिले और मौके से व घर के अंदर से कई अहम सुराग हाथ लगे। ऐसे में पुलिस को आशंका है कि पहले घर में खूनी खेल खेला गया और फिर हत्या के बाद चारों को एसयूवी में डालकर जलाने की कोशिश की, ताकी वारदात को हादसे का रूप दिया जा सके।
रामसिंह चौधरी बोराड़ा थाना का हिस्ट्रीशीटर है। वह 2010 में बोराड़ा से सरपंच बना था और डेढ़ साल तक सरपंच रहा था। उसकी मां पूसी देवी भी 2005 से 2010 तक सरंपच रह चुकी है। वहीं, रामसिंह चौधरी की पत्नी एडवोकेट सुरज्ञान देवी वर्तमान में जिला परिषद सदस्य है। ऐसे में ये राजनीतिक रंजिश भी हो सकती है। हालांकि, अभी शक की सुई पहली पत्नी और बेटे की तरफ घूम रही है। ऐसे में थाने में लाकर इनसे पूछताछ जारी है। माना जा रहा है कि पुलिस जल्द ही पूरे मामले का खुलासा करेगी।