अलबत्ता एहतियात के तौर पर वनकर्मी तैनात किया गया है।
अजमेर. नारेली के निकटवर्ती गुढ़ा गांव में वन विभाग की टीम को पैंथर (panther) को पगमार्क (pugmarks) मिले हैं। विभाग का दावा है, कि पैंथर की हलचल गुढ़ा क्षेत्र से नारेली (nareli) की पहाडिय़ों की बीच है। उधर गांव और आसपास के इलाके में दहशत बनी हुई है। विभाग ने एहतियात के तौर पर वनकर्मियों को तैनात किया है।
नारेली के निकट गुढ़ा गांव में माताजी के मंदिर क्षेत्र में दो-तीन दिन से पैंथर (तेंदुआ) दिखाई दे रहा है। ग्रामीणों (villagers) ने आसपास की झाडिय़ों में दुबका हुआ बताया। सूचना मिलते ही उप वन संरक्षक सुदीप कौर ने टीम भेजी। शनिवार को वन विभाग (forest dept) की टीम ने पहुंचकर ग्रामीणों से बातचीत करने के अलावा क्षेत्र का दौरा किया।
पुजारी के फोन में आवाज रिकॉर्ड
ग्रामीणों ने बताया कि माताजी के मंदिर के पुजारी (abod) ने पैंथर दिखने की बात कही थी। उसने कुछ ग्रामीणों को फोन पर सूचना दी। इसमें पैंथर (panther in ajmer) के गुर्राने जैसी आवाज भी रिकॉर्ड हुई है। माताजी के मंदिर क्षेत्र में पुजारी और अन्य इलाकों में ट्रेक्टर चालकों-बाइकर्स ने दो-तीन बार पैंथर देखा।
विभाग को दिखे पगमार्क
वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों के बताए स्थान पर पगमार्क भी देखे। इसमें प्रारंभिक तौर पर तेंदुआ होने की पुष्टि हुई। कुछ ग्रामीणों ने शनिवार सुबह नगीना तालाब (nagina pond) के आसपास पैंथर दिखने की बात कही। विभागीय दल ने गुढ़ा और नारेली की पहाडिय़ों में पैंथर (panther) की तलाश की। फिलहाल उन्हें तेंदुआ नजर नहीं आया। अलबत्ता एहतियात के तौर पर वनकर्मी (forest team)तैनात किया गया है।
पैंथर के पगमार्क मिले हैं। गुढ़ा और नारेली की पहाडिय़ों में पैंथर की अक्सर हलचल बताई गई है। एहतियात के तौर पर वनकर्मियों को तैनात किया गया है।
सुदीप कौर, उप वन संरक्षक वन विभाग