अजमेर

अजमेर में दरगाह पर पीएम मोदी की चादर चढ़ाई गई, किरेन रिजिजू बोले- देश की पुरानी परंपरा

Ajmer News : केंद्रीय अल्पसंख्यक और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने शनिवार को अजमेर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चादर ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती की दरगाह पर पेश की। इस अवसर पर किरेन रिजिजू ने कही बड़ी बात।
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PM Modi Chadar was Offered Khwaja Moinuddin Chishti Dargah in Ajmer Kiren Rijiju said it is an Old Tradition of Country

Ajmer News : अजमेर में ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती की 813वीं उर्स चल रही है। केंद्रीय अल्पसंख्यक और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने शनिवार को पीएम नरेंद्र मोदी की चादर ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती की दरगाह में पेश की। इस अवसर पर केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, उर्स के दौरान गरीब नवाज की दरगाह पर जाना देश की पुरानी परंपरा है। मुझे प्रधानमंत्री मोदी की ओर से चादर चढ़ाने का मौका मिला है। प्रधानमंत्री मोदी का संदेश सद्भाव और भाईचारे का है।

विविधता में एकता हमारी संस्कृति

किरेन रिजिजू ने कहा, विविधता में एकता हमारी संस्कृति है। हिंदू, जैन या सिख सभी समुदाय के लोग गरीब नवाज से दुआ मांगते हैं। प्रधानमंत्री मोदी की ओर से चादर चढ़ाना पूरे देश की ओर से चादर चढ़ाने जैसा है।

असदुद्दीन ओवैसी की और से पेश की गई चादर

ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती के 813वें उर्स के मौके पर शुक्रवार रात एआइएमआइएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी की और से दरगाह में चादर पेश की गई। एआइएमआइएम हैदराबाद के अध्यक्ष सैयद मुस्तफा अली, मोहम्मद अब्दुल सलाम, फिरोज खान, अजीम खान व सैयद अली सरवर सहित अन्य पदाधिकारी असदुद्दीन औवेसी की ओर से ख्वाजा साहब की बारगाह में चादर पेश करने पहुंचे। असदुद्दीन ओवैसी ने दरगाह में चादर भेजने के साथ ही मुल्क में अमन शांति व तरक्की की दुआं की। खादिम ईशाक मोहम्मद चिश्ती व इरफान चिश्ती द्वारा औवेसी की चादर पेश करवाई गई।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की चादर कल होगी पेश

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की चादर 5 जनवरी को ख्वाजा मोईनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह में पेश की जाएगी। राजनाथ ने दरगाह कमेटी के पूर्व उपाध्यक्ष मुनव्वर खान को चादर सौंपी। रक्षा मंत्री के विशेष कार्याधिकारी प्रभात कुमार कुमार त्रिपाठी ने बताया कि मुनव्वर खान दोपहर 2 अजमेर में चादर पेश करेंगे। वह बुलंद दरवाजे पर रक्षामंत्री राजनाथ सिंह का संदेश भी पढ़ेंगे। हाजी मोहम्मद रफीक, मोहम्मद रजी खान शहजाद, सूफी बेतूल मिनाई मौजूद रहे।

Updated on:
04 Jan 2025 12:32 pm
Published on:
04 Jan 2025 12:21 pm