
Ajmer Sharif Dargah: अजमेर में ख्वाजा मोईनुद्दीन हसन चिश्ती के 813वें उर्स में अकीदतमंत की भीड़ उमड़ रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से 4 जनवरी को अजमेर शरीफ दरगाह में चादर चढ़ाई की जाएगी। लेकिन, इससे पहले अजमेर दरगाह प्रमुख नसीरुद्दीन चिश्ती ने बड़ा बयान दिया है, जो चर्चा का विषय बना हुआ है।
दरगाह प्रमुख नसीरुद्दीन चिश्ती ने कहा कि यह उन लोगों को करारा जवाब है जो जबरन धार्मिक उन्माद पैदा करने की कोशिश में लगे हुए हैं। कुछ लोग 5-6 महीने से मंदिर-मस्जिद की राजनीति में लगे हुए हैं।
लेकिन, हमें मंदिर-मस्जिद विवाद की जरूरत नहीं बल्कि इस देश की एकता और अखण्डता की जरूरत है। हमारा देश तीसरी आर्थिक शक्ति बनने जा रहा है। जब तक यहां सबका सम्मान और सबका विकास होता रहेगा, तब तक देश आगे बढ़ता रहेगा।
नसीरुद्दीन चिश्ती ने कहा कि ये देश की परंपरा रही है कि साल 1947 के बाद से हर प्रधानमंत्री ने ख्वाजा गरीब नवाज के दरबार में चादरें पेश की हैंं। पीएम नरेंद्र मोदी भी साल 2014 से इस परंपरा को निभा रहे हैं। वे 10 साल से हर बार अजमेर दरगाह में चादर भेज रहे है।
उन्होंने कहा कि मुख्तार अब्बास नकवी जब कैबिनेट मंत्री थे, तब एक बार मैं खुद चादर लेने गया था। इस बार पीएम मोदी ने अल्पसंख्यक मंत्री को जो चादर भेजी है वह 4 जनवरी को दरबार में पहुंचेगी। हम लोग खुले दिल से इसकी खैर-मकदम करेंगे।
बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को केन्द्रीय संसदीय मामलात एवं अल्पसंयक मंत्री किरेन रिजिजू को वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती की दरगाह में पेश कई जाने वाली चादर सौंपी थी। रिजिजू 4 जनवरी को सुबह 11 बजे प्रधानमंत्री मोदी की चादर पेश करेंगे। वह दरगाह के वेबपोर्टल और गरीब नवाज एप भी लॉन्च करेंगे।
Updated on:
03 Jan 2025 12:24 pm
Published on:
03 Jan 2025 12:24 pm
