पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे पंडित धीरेंद्र शास्त्री से करीब 1 घंटे तक बंद कमरे में बैठकर चर्चा की।
पुष्कर (अजमेर)। राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे रविवार रात करीब 9 बजे बागेश्वर धाम के उपासक धीरेंद्र शास्त्री से मिलने तिलोरा गांव के पास स्थित एक होटल में पहुंची।
वसुंधरा राजे ने धीरेंद्र शास्त्री को संदेश भेजकर करीब 20 मिनट तक इंतजार किया। इसके बाद राजे एवं धीरेंद्र शास्त्री ने करीब 1 घंटे तक बंद कमरे में बैठकर चर्चा की। मुलाकात के बाद राजे जयपुर के लिए प्रस्थान कर गई।
धीरेंद्र शास्त्री ने रविवार रात जगतपिता ब्रह्मा मंदिर के दर्शन कर 23 से 25 फरवरी तक मेला मैदान में होने वाली हनुमंत कथा एवं दरबार आयोजन का निमंत्रण दिया।
इस दौरान पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि वे चादर चढ़ाने वाले हिन्दुओं से कहेंगे कि पुष्कर आकर अपने पितरों का पिंडदान-तर्पण कर लिया करें, बेडा पार होगा। उनका जीवन सुधर जाएगा।
धीरेन्द्र शास्त्री ने कहा कि पुष्कर तीर्थ में आने का सौभाग्य मिला। ब्रह्माजी के सतयुगी देवस्थान तीर्थ में 52 कुंडों के साथ-साथ 52 शक्तिपीठों में से एक भगवती मां चामुंडा विराजमान है।
दुनिया की आस्था का केन्द्र ब्रह्माजी का पूजा स्थान है। उन्होंने बताया कि ब्रह्माजी मंदिर दर्शन कर मेला मैदान में हनुमंत कथा व दरबार का न्योता दिया है।
इससे पूर्व उन्होंने सप्तरिषी घाट पर नगर परिषद के पूर्व सभापति कमल पाठक के साथ मंत्रोच्चार कर पुष्कर सरोवर की महाआरती उतारी। इस दौरान वे श्रद्धालुओं के साथ झूम उठे तथा तालियां बजाने लगे।
श्रद्धालुओं ने उन पर पुष्पवर्षा की। पंडित दिनेश पाराशर, चन्द्र मोलेश्ववर ने आचार्य शास्त्री का स्वागत किया। आचार्य ने पंडित कैलाशनाथ दाधीच के सिर पर हाथ रखकर आशीर्वाद दिया।
इसके बाद ब्रह्मा मंदिर पहुंच पूजा-अर्चना की। पुजारी राम निवास, लक्ष्मी नारायण एवं कृष्ण गोपाल वशिष्ठ ने शॉल ओढ़ाकर उन्हें ब्रह्माजी का चित्र भेंट किया।
मंदिर समिति के सचिव एवं एसडीओ गुरुप्रसाद तंवर, नगर परिषद आयुक्त जनार्दन शर्मा ने उनका स्वागत किया। ब्रह्मा मंदिर दर्शन कर लौटते समय एक बालक को गोद में लेकर उसे दुलार किया तथा बालक के जन्मदिन पर उसे भेंट दी।