
अजमेर.
विधानसभा चुनाव में पार्टी और प्रत्याशी मतदाताओं को लुभाने के लिए तस्करी के अलावा शराब के ठेके से भी शराब नहीं खरीद सकेंगे। आबकारी विभाग ने चुनाव में शराब के ठेकों की बिक्री पर भी नजरें लगा रखी हैं। विभागीय टीम जिले की शराब की दुकानों की सेल पर निगरानी रखे हुए है।
निर्भीक व निष्पक्ष मतदान के लिए चुनाव आयोग से आए निर्देश पर जिला आबकारी विभाग ने कमर कस ली है। आबकारी विभाग ने जहां अवैध शराब की धरपकड़ के लिए जिलेभर में क्वीक रेस्पोंस टीम (क्यूआरटी) का गठन किया है।
जो जिले में अवैध शराब पर निगरानी रखने के साथ कार्रवाई को अंजाम देगी। वहीं शराब के ठेके से बिकने वाली शराब पर निगरानी की भी व्यवस्था की गई है। शराब ठेके से प्रतिदिन की सेल में तीस फीसदी से ज्यादा की बिक्री पर लाइसेंसधारी से जवाब-तलब किया जा सकता है।
गोदाम पर लगे सीसीटीवी
आबकारी विभाग ने राजस्थान स्टेट बेवरेज कॉपोरेशन लि. (आरएसबीसीएल) के गोदाम, वाइन प्रोडक्शन सेंटर पर निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए हंै। वहीं स्प्रीट टैंकर पर जीपीएस सिस्टम लगाया गया है। जिसकी रिकॉर्डिंग भी रखी जा रही है।
41 संवेदनशील क्षेत्र चिह्नित
आबकारी विभाग ने विधानसभा चुनाव के मद्देनजर जिले में 41 संवेदनशील इलाके व शराब की दुकानें भी चिह्नित की हैं। जहां विभागीय अधिकारियों को अवैध शराब की बिक्री की संभावना है। अजमेर जिले में 29 अंग्रेजी व 12 देशी मदिरा की दुकान को संवेदनशील माना है।