
Rajasthan Vehicle Theft News: अजमेर. सदर कोतवाली थाना पुलिस ने अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान में कार्रवाई करते हुए अन्तरराज्यीय कुख्यात वाहन चोर को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से चोरी के 22 दुपहिया वाहन बरामद किए हैं। वह लम्बे समय से अजमेर सहित कई जिलों में वाहन चोरी की वारदातें अंजाम दे रहा है। खास बात यह है कि पुलिस से बचने के लिए आरोपी मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करता है।
पुलिस ने आरोपी को दबोचने के लिए लगभग 200 सीसीटीवी की फुटेज खंगालने के बाद दबोचा। आरोपी पाली, ब्यावर, जोधपुर, अजमेर और मसूदा से बाइक चुराता था। पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाला ने बताया कि दुपहिया वाहन चोरी की वारदातें रोकने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान में एएसपी सिटी हिमांशु जांगिड़, सीओ नॉर्थ शिवम जोशी के सुपरविजन में कोतवाली थानाप्रभारी अनिलदेव व उनकी टीम ने अभय कमांड सेंटर, निजी प्रतिष्ठानों के 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली।
तकनीकी विश्लेषण, मुखबिर तंत्र के जरिए टीम ने आरोपी की पहचान पाली, सिरयारी निमली मंडा निवासी जिताराम उर्फ पावणा सिरवी (53) के रुप में हुई। पुलिस ने लगातार तीन दिन तक पीछा किया। आरोपी वाहन चोरी की फिराक में था। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश कर दो दिन का रिमांड लिया है।
एसपी अग्रवाला ने बताया कि 12 मई को घूघरा घाटी निवासी जितेन्द्र प्रजापत ने कोतवाली थाने में रिपोर्ट दी कि प्राइवेट बस स्टैंड से बाइक चोरी हो गई। पुलिस ने चोरी का मुकदमा दर्जकर वाहन चोरी की फिराक में घूम रहे जिताराम उर्फ पावणा को दबोच पूछताछ की तो उसने वारदातें कबूल कर ली।
एसपी अग्रवाला ने बताया कि आरोपी जिताराम वाहन चोरी की फिराक में घूम रहा था। सदर कोतवाली थाने के सिपाही दिनेश ने उसकी पहचान करते हुए दुपहिया वाहन चोरी की फिराक में घूमते हुए दस्तयाब किया। पुलिस पड़ताल में उसने वाहन चोरी की वारदातें कबूली। पुलिस पूछताछ में बताया कि वह चोरी के वाहन और उनके पार्टस बेचकर मिलने वाली रकम से अपने महंगे शौक पूरे करता है। बरामद दुपहिया वाहनों में 20 मोटरसाइकिल और 2 स्कूटी शामिल हैं।
एसपी अग्रवाला ने बताया कि आरोपी जिताराम उर्फ पावणा का आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है। उसके खिलाफ 18 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें अधिकांश चोरी और नकबजनी के हैं। आरोपी के खिलाफ मारवाड़ जंक्शन थाने में पुलिस अभिरक्षा से फरार होने का मामला भी दर्ज है।
पड़ताल में आया कि आरोपी जिताराम पहले भीड़भाड़ वाले स्थान की रेकी करता है। जहां बड़ी संख्या में दुपहिया वाहन खड़े रहते है। वहां मौका मिलते ही वह हैंडल लॉक तोड़कर बाइक चोरी करके निकल जाता है। चोरी के बाद वाहन को कुछ समय के लिए सुनसान स्थान पर छिपाकर रखता और बाद में बेच देता था। आरोपी बेहद शातिर है और कानून की भी जानकारी रखता है। स्थानीय क्षेत्र में पहचान उजागर होने के डर से अपने इलाके में वारदात अंजाम नहीं देता था। पुलिस से बचने के लिए मोबाइल या अन्य संचार साधनों का उपयोग भी नहीं करता था।