अजमेर

Rajasthan Paper Leak: कोर्ट ने 25 साल बाद आरोपियों को माना नाबालिग, 1999 में RPSC अध्यक्ष को फोन पर मिली थी पेपर लीक की सूचना

राजस्थान लोक सेवा आयोग के पेपर लीक के 25 साल पुराने मामले में अदालत ने आरोपी को वारदात के वक्त नाबालिग होना बताकर बाल न्यायालय में मुकदमा चलाने को कहा है।

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Feb 17, 2025

अजमेर। राजस्थान लोक सेवा आयोग के पेपर लीक के 25 साल पुराने मामले में अदालत ने आरोपी को वारदात के वक्त नाबालिग होना बताकर बाल न्यायालय में मुकदमा चलाने को कहा है। वर्ष 1999 में आरएएस-प्री परीक्षा के सामान्य ज्ञान व सामान्य विज्ञान के पेपर लीक होने की सूचना आयोग अध्यक्ष को फोन पर मिली थी।

तत्कालीन आरपीएससी अध्यक्ष देवेन्द्र सिंह ने सिविल लाइन थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। मुकदमे में अनुसंधान के बाद आरोपी प्रताप मीणा, नाथूलाल, राजेन्द्र सिंह सरदार तथा अनिल मीणा व चंद्रशेखर के खिलाफ आरोप पत्र अदालत में पेश किया। आरोपी प्रताप मीणा की सुनवाई के दौरान मृत्यु हो चुकी है। आरोपियों को 25 फरवरी को उपस्थित होने के आदेश दिए हैं।

अपराध के समय नाबालिग थे आरोपी

प्रकरण में आरोपी अनिल मीणा व चंद्रशेखर के वकील ने बताया कि घटना 28 नवम्बर 1999 थी। इस दिन आरोपी अनिल मीणा व चंद्रशेखर नाबालिग थे। आरोपियों के स्कूल रिकॉर्ड व जन्म प्रमाण पत्र से अदालत में साबित किया कि आरोपीगण वारदात के समय नाबालिग थे।

प्रकरण में क्रिश्चियनगंज थाना पुलिस को आरोपियों के वकील ने बताया कि अदालत ने 7 फरवरी को मामले का निर्णय कर निर्देशित किया कि आरोपी अनिल मीणा व चंद्रशेखर के संबंध में 25 फरवरी को पत्रावली किशोर न्याय बोर्ड में प्रस्तुत करे। दोनों आरोपियों को भी इस दिन उपस्थित होने के आदेश दिए।

Updated on:
17 Feb 2025 08:21 am
Published on:
17 Feb 2025 08:19 am
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