Rajasthan Weather Forecast: राजस्थान में नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से प्रदेश के कुछ हिस्सों में नौतपा के बीच मौसम में बदलाव आ सकता है। इस अवधि में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने के साथ कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश होने होने की संभावना है।
Rajasthan Weather Forecast: अजमेर। राजस्थान में नौतपा ने सोमवार से असर दिखाना शुरू कर दिया। तेज धूप और गर्माहट के चलते लोग परेशान रहे। पंखे और कूलर में भी पसीने छूटते रहे। अजमेर का अधिकतम तापमान 41.2 और न्यूनतम 29.8 डिग्री सेल्सियस रहा। हालांकि पिछले साल नौ तपे के पहले दिन अधिकतम तापमान 38.8 डिग्री सेल्सियस था। इस बार तापमान करीब 3 डिग्री ज्यादा है। हवा चलने के बावजूद सुबह से ही तेज धूप ने पसीने बहा दिए। तेज धूप और गर्मी के कारण सड़कों और बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। शाम तक सूरज ने गर्माहट बिखेरी। हवा में घुली गर्माहट से घर-आंगन में तपन कायम रही।
सूरज के रोहिणी नक्षत्र में जाने को नौतपा कहा जाता है। नौतपा 25 मई से 2 जून तक रहेगा। इस दौरान तेज धूप और लू के थपेड़ों से लोगों को 2 जून तक राहत मिलने के आसार नहीं है। हालांकि पिछले साल नौतपा के दौरान 30 मई को 9.1 और 2 जून को 2.6 मिलीमीटर बरसात हुई थी। नौतपा की पूरी अवधि में तापमान 37.0 से 41.9 डिग्री सेल्सियस तक ही सीमित रहा था। राजस्थान में पिछले 24 घंटे में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 46.0 डिग्री सेल्सियस श्रीगंगानगर और सर्वाधिक न्यूनतम तापमान 33.3 डिग्री सेल्सियस संगरिया हनुमानगढ़ में तथा निम्नतम न्यूनतम तापमान 21.8 डिग्री सेल्सियस सिरोही में दर्ज किया गया।
प्रदेश में आगामी 2 से 3 दिन अधिकांश क्षेत्रों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। इस दौरान 20 से 30 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज धूलभरी हवाएं चल सकती हैं। इस दौरान तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी दर्ज होने की संभावना है।
हालांकि 28 से 29 मई के बीच एक नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से राजस्थान के कुछ हिस्सों में नौतपा के बीच मौसम में बदलाव आ सकता है। इस अवधि में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने के साथ कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं। इसके प्रभाव से अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री तक गिरावट दर्ज की जा सकती है।
मानसून की सक्रियता से पूर्व बरसात भी होती है। मौसम विभाग की मानें तो मानसून के मई अंत अथवा जून के शुरुआत में केरल पहुंचने की उम्मीद है। इसके बाद यह कर्नाटक, मुम्बई, गुजरात होते हुए राजस्थान पहुंचेगा। इसके बाद ही धूप और गर्मी के तेवर कम होने के आसार हैं।