अजमेर

RPSC में सदस्यों की कमी: परीक्षा कराने वाले ही नहीं, कैसे होगी लाखों अभ्यर्थियों की परीक्षा?

RPSC News: राजस्थान लोक सेवा आयोग में अगले पांच महीनों में अध्यक्ष सहित तीन सदस्यों का कार्यकाल समाप्त होने जा रहा है। अगस्त तक आयोग में केवल चार सदस्य रह जाएंगे, जिससे भर्ती परीक्षाओं और साक्षात्कार की प्रक्रिया पर अतिरिक्त दबाव बढ़ सकता है।

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Mar 14, 2026
फोटो-पत्रिका

RPSC News: अजमेर स्थित राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) में पहले से ही स्टाफ और सदस्यों की कमी बनी हुई है। आयोग में अध्यक्ष सहित कुल 10 सदस्य होने चाहिए, लेकिन फिलहाल अध्यक्ष के साथ सिर्फ छह सदस्य ही काम कर रहे हैं। इनमें भी वरिष्ठ अध्यापक भर्ती 2022 और सब इंस्पेक्टर भर्ती 2021 के पेपर लीक मामले में सदस्य बाबूलाल कटारा निलंबित चल रहे हैं। वहीं जसवंत राठी का निधन हो चुका है और डॉ. मंजू शर्मा तथा डॉ. संगीत आर्य इस्तीफा दे चुके हैं। ऐसे में आयोग में काम का भार बाकी सदस्यों पर ही आ गया है।

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जून से अगस्त तक चार बड़े पद होंगे खाली

नियमों के अनुसार अध्यक्ष और सदस्यों का कार्यकाल 62 वर्ष की आयु तक ही रहता है। इसी कारण अगले कुछ महीनों में आयोग में बड़े बदलाव होने वाले हैं। अध्यक्ष उत्कल रंजन का कार्यकाल 12 जून को समाप्त होगा। सदस्य के.सी. मीणा 8 जुलाई को सेवानिवृत्त होंगे। डॉ. अशोक कलवार का कार्यकाल 31 जुलाई को खत्म होगा। निलंबित सदस्य बाबूलाल कटारा का कार्यकाल 14 अगस्त को समाप्त हो जाएगा। इनके बाद आयोग में केवल प्रो. अयूब खान, लेफ्टिनेंट कर्नल केसरी सिंह, प्रो. सुशील बिस्सू और हेमंत प्रियदर्शी ही सदस्य के रूप में रह जाएंगे। इससे साक्षात्कार, परीक्षा आयोजन और विभागीय पदोन्नति समितियों (DPC) जैसे कार्यों का बोझ बढ़ सकता है।

आरएएस सहित कई भर्तियों की प्रक्रिया पहले से धीमी

आरपीएससी की बड़ी भर्तियों में पहले से ही देरी देखने को मिल रही है। आरएएस 2023 की प्री और मुख्य परीक्षा लगभग दो साल में पूरी हुई, जबकि अंतिम परिणाम अभी आना बाकी है। आरएएस 2024 में एक साल में प्री और मुख्य परीक्षा तो हो गई, लेकिन फिलहाल साक्षात्कार प्रक्रिया चल रही है।

आयोग ने की आयोजित कई परीक्षाएं भी तय समय से 8 से 12 महीने देरी से हो रही हैं। इनमें आयुष विभाग लेक्चरर, डिप्टी कमांडेंट गृह रक्षा, कनिष्ठ रसायनज्ञ और सहायक विद्युत निरीक्षक जैसी भर्तियां शामिल हैं।

आने वाले महीनों में बड़ी परीक्षाओं का दबाव

आरपीएससी के कैलेंडर में आने वाले महीनों में कई महत्वपूर्ण परीक्षाएं प्रस्तावित हैं। मार्च से लेकर नवंबर तक सहायक अभियंता, सब इंस्पेक्टर, वेटनरी ऑफिसर, सहायक कृषि अभियंता, वरिष्ठ अध्यापक, जूनियर लीगल ऑफिसर, सांख्यिकी अधिकारी, इंस्पेक्टर फैक्ट्री-बॉयलर, सहायक निदेशक-वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी और प्रोटेक्शन अधिकारी जैसी कई परीक्षाएं निर्धारित हैं।

यूपीएससी की तुलना में काफी लंबी भर्ती प्रक्रिया

केंद्रीय स्तर पर संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) अधिकांश भर्तियां 6 से 12 महीने में पूरी कर देता है। इसमें आईएएस, एनडीए और सीडीएस जैसी प्रमुख परीक्षाएं शामिल हैं। वहीं आरपीएससी में भर्ती प्रक्रिया औसतन 15 से 30 महीने तक खिंच जाती है। इसके पीछे पेपर लीक विवाद, दोबारा परीक्षाएं कराना, सदस्यों की कमी और परीक्षा तिथियों में बदलाव जैसे कारण प्रमुख माने जाते हैं।

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Updated on:
14 Mar 2026 12:15 pm
Published on:
14 Mar 2026 12:13 pm
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