www.patrika.com/rajasthan-news
हिमांशु धवल/मदनगंज किशनगढ़
नगर के ऐतिहासिक गुंदोलाव झील के बीचों-बीच निर्मित मौखम विलास का लोकार्पण हाल ही में आनन-फानन में मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कर दिया, लेकिन वह आज तक आमजन के लिए नहीं खुला है। पैनोरमा के मुख्य गेट पर ताला लगा होने के कारण लोग निराश लौट रहे हैं।
राजस्थान धरोहर संरक्षण एवं प्रोन्नति प्राधिकरण की ओर से कन्जर्वेशन एवं रेस्टोरेशन कार्य ऑफ संत नागरीदास पैनोरमा का जीर्णोद्धार करवाया गया। उक्त कार्य 6 अक्टूबर 2017 को शुरू हुआ। इस पर करीब 140 लाख रुपए खर्च हुए। इसके तहत पैनोरमा में भूतल स्थित बरामदों (नींव) एवं उपर बने कक्षों के जीर्णोद्धार एवं रंग रोगन समेत फर्श निर्माण कार्य किया गया। पैनोरमा में अभी तक संत नागरीदास एवं अन्य की मूर्तियां तक नहीं लगी हैं। इसके बावजूद गत दिनों मुख्यमंत्री ने जयपुर से ही इसका लोकार्पण कर दिया। प्राधिकरण ने इसे स्थानीय प्रशासन को भी अभी तक नहीं सौंपा है। इसका संचालन उपखण्ड स्तरीय पर्यटन विकास समिति के माध्यम से होगा। पैनोरमा के मुख्य द्वार पर ताला लगा हुआ है।
यह हुई राशि खर्च
राज्य सरकार ने संत नागरीदास पैनोरमा के लिए 1 करोड़ 9 लाख 83 हजार रुपए से अधिक की राशि स्वीकृत की। लेकिन निर्माण कार्य की अधिकता के चलते करीब 30 लाख 86 हजार रुपए से अधिक की राशि और स्वीकृत की गई। ऐसे में अब करीब 1 करोड़ 40 लाख रुपए की लागत से पैनोरमा तैयार हुआ है।
मूर्तियां पहुंची लगने का इंतजार
संत नागरीदास पैनोरमा में लगने वाली मूर्तियां पहुंच गई है, लेकिन अभी तक उन्हें लगाया नहीं गया है। पैनोरमा में 22 थ्रीडी फाइबर मूर्ति, 4 टूडी फाइबर पैनल और 3 मार्बल की बड़ी मूर्ति लगाई जाएंगी। इसी के साथ आकर्षक लाइटिंग आदि भी की जाएगी।
मिलेगा पर्यटन को बढ़ावा
गुंदोलाव झील के बीचों-बीच मौखम विलास होने के कारण पहले ही आकर्षक लगता है। जीर्णोद्धार होने से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। यहां पर प्रतिदिन कई लोग आते हैं। आकर्षक लोकेशन होने के कारण प्री-वेडिंग शूट करने वालों का तांता लगा रहता है। गत दिनों नगर परिषद की ओर से झील में वोटिंग शुरू कर दी है। इससे भी लोगों की आवाजाही में इजाफा होगा।
16 पैनोरमा का लोकार्पण, 3 का शिलान्यास
मुख्यमंत्री राजे ने 27 सितम्बर को जयपुर से ही प्रदेश में बने 16 पैनोरमा का लोकार्पण और 3 का शिलान्यास किया था। इसमें निम्बार्काचार्य पैनोरमा सलेमाबाद, संत नागरीदास पैनोरमा किशनगढ़ आदि का लोकार्पण किया था।
संत नागरीदास पैनोरमा का कार्य पूरा हो चुका है। इसका संचालन उपखण्ड स्तरीय पर्यटन विकास समिति के माध्यम से होगा। उपखण्ड अधिकारी से मिलकर इसे जल्द ही स्थानान्तरित कर दिया जाएगा।
टीकमचंद बोहरा, सीईओ राजस्थान धरोहर संरक्षण एवं प्रोन्नति प्राधिकरण जयपुर