अजमेर

School Van strike: परेशान हुए बच्चे और अभिभावक, सडक़ पर लगा जाम

School Van strike: अभिभावकों को लगानी पड़ी स्कूलों तक दौड़। सडक़ पर कई जगह हुए जाम के हालात

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Jul 16, 2019
van strike in ajmer

अजमेर. बाल वाहिनी में कड़े नियमों की पालना के खिलाफ मंगलवार को शहर के वैन चालकों (school van strike) की हड़ताल ने स्कूली बच्चों और अभिभावकों (parents)की परेशानी बढ़ा दी। बच्चों को स्कूल छोडऩे के लिए अभिभावक को दौड़धूप करनी पड़ी। मदार गेट-स्टेशन रोड, राजा साइकिल-सीआरपीएफ ओवरब्रिज और अन्य जगह जाम लग गया। इससे शहर की यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई।

बाल वाहिनी के सख्त नियमों और चालान से नाराज वैन संचालक (van owners) मंगलवार को हड़ताल (van hadtal) पर चले गए। उनके फैसले ने शहर के अभिभावकों को परेशान कर दिया। सुबह 6.30 बजे से ही बच्चे स्कूटी, मोटरसाइकिल, कार, जीप और अन्य वाहनों में बैठकर अभिभावकों (childrens parents) के साथ स्कूल पहुंचे। कई स्कूलों के बाहर वाहनों की कतारें लग गई।

जाम ने किया परेशान
वैन चालकों की हड़ताल का शहरवासियों ने खामियाजा भुगता। अलवर गेट, मेयो लिंक रोड, मदार गेट-स्टेशन रोड, सीआरपीएफ ओवरब्रिज से राजा साइकिल के आसपास वाहनों का जमघट (road jam) नजर आया। स्कूलों के बाहर चौपहिया (four wheelers)-दोपहिया (two wheelers) वाहनों की रेल-पेल नजर आई। करीब आधा से पौन घंटा तक लोग परेशान रहे। इस दौरान यातायात पुलिसकर्मी कहीं नजर नहीं आए।

पुलिस ने बनाए चालान

राजा साइकिल, मार्टिंडल ब्रिज, कोर्ट तिराहा, सीआरपीएफ ओवर ब्रिज, आगरा गेट, स्टेशन रोड, रागमंज चौराह, दौलत बाग, बिहारीगंज पर यातायात पुलिस (traffic police) और विभिन्न थानों का स्टाफ खड़ा रहा। यहां ऑटो, बस और अन्य वाहनों की जांच की गई। पुलिस ने क्षमता से अधिक बच्चे बैठाने, जाली नहीं होने, गैस किट, वर्दी-नेम प्लेट, लाइसेंस और बीमा नहीं होने पर तत्काल चालान बनाए। कई जगह ऑटो चालक (auto rickshaw) बच्चों (school childrens) को स्कूल छोडऩे की दुहाई देकर गिड़गिड़ाते नजर आए। सेंट मेरीज कॉन्वेंट स्कूल के बाहर एक वैन चालक बच्चों को छोडऩे पहुंचा। यहां वैन एसोसिएशन ने बच्चे उताकर उसे तत्काल रवाना कर दिया।

यह चाहता है यातायात विभाग

-चालक-परिचालक के पास ड्राइविंग लाइसेंस

-बाल वाहिनी के दस्तावेज-लाइसेंस

-बीमा और अग्निशमन यंत्र-चालक-परिचालक की वर्दी

-नेम प्लेट-क्षमता से अधिक बच्चे नहीं बिठाना

-स्कूल परिसर के अंदर बच्चे छोडऩा और वापस लाना

Published on:
16 Jul 2019 09:13 am
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