अजमेर

अजमेर: RAS प्री एग्जाम पास करने वाली सुनीता की हत्या! डाकघर में कर रही थी नौकरी; पति बेरोजगार और नशे का आदी

Sunita Rawat Death Case: ब्यावर की विवाहिता सुनीता रावत की उपचार के दौरान मौत के बाद पीहर पक्ष ने पति की गिरफ्तारी की मांग को लेकर जेएलएन अस्पताल की मोर्चरी के बाहर करीब सात घंटे धरना दिया। समझाइश के बाद मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया गया।
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Oct 01, 2026
Sunita Rawat death case
मृतका सुनीता रावत (Photo-Patrika)

अजमेर. जेएलएन अस्पताल की मोर्चरी के बाहर बुधवार को एक परिवार करीब सात घंटे तक अपनी मृत बेटी को न्याय दिलवाने की गुहार लगाता रहा। ब्यावर के साकेत नगर थाना क्षेत्र की विवाहिता सुनीता रावत की उपचार के दौरान मौत के बाद पीहर पक्ष ने पति पर हत्या का आरोप लगाते हुए शव लेने से इनकार कर दिया। परिजन पोस्टमार्टम से पहले पति की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े रहे। कानूनी पेंचिदगी और लम्बी समझाइश के बाद शाम करीब चार बजे शव का मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाया गया।

पुलिस के अनुसार नूंद्री मेन्द्रातान निवासी सुनीता पत्नी हरिसिंह रावत को 26 सितंबर की रात उसका पति अमृतकौर अस्पताल लेकर पहुंचा।प्राथमिक उपचार के बाद उसे अजमेर रेफर किया गया। पुलिस के पहुंचने पर जेएलएन अस्पताल में भर्ती सुनीता की हालत बयान देने योग्य नहीं थी। सुनीता के भाई भगवान सिंह की शिकायत पर 27 सितंबर को पुलिस ने दहेज प्रताड़ना का मामला दर्ज किया था। 28 सितंबर शाम उपचार के दौरान सुनीता की मृत्यु हो गई। सूचना पर महिला थानाप्रभारी विद्या मीणा और हैडकांस्टेबल सुखपाल अस्पताल पहुंचे। पुलिस ने मामले में गैरइरादतन हत्या की धारा भी जोड़ी है। मामले का अनुसंधान ब्यावर सीओ कर रहे हैं।

'पहले गिरफ्तारी, फिर लेंगे शव'

बुधवार सुबह पीहर पक्ष के लोगों के जुटने से पहले ससुराल पक्ष वहां से चला गया। इसके बाद मृतका की बड़ी बहन पूजा व अन्य रिश्तेदार मोर्चरी के बाहर बैठ गए। उनका आरोप था कि सुनीता को प्रताड़ित किया जाता था और उसके साथ मारपीट की गई। उन्होंने पति की गिरफ्तारी होने तक शव लेने से इनकार कर दिया। अधिवक्ता करणसिंह रावत समेत अन्य लोगों ने परिजन से समझाइश की। दिनभर बातचीत के बाद शाम 4 बजे परिवार पोस्टमार्टम के लिए राजी हुआ। मेडिकल ज्यूरिस्ट डॉ. निर्झर माथुर की अध्यक्षता में गठित मेडिकल बोर्ड ने पोस्टमार्टम किया।

अजमेर. जेएलएन अस्पताल की मोर्चरी के बाहर बुधवार को मृतका के पीहर पक्ष के लोगों से समझाइश करते पुलिस अधिकारी

'तीन किलोमीटर दूर थे, सूचना नहीं दी'

लालसिंह ने आरोप लगाया कि सुनीता के सिर और हाथ पर चोट के निशान थे। उनका कहना है कि घर महज 3 किलोमीटर दूर होने के बावजूद उन्हें घटना की तत्काल सूचना नहीं दी गई। भाई भगवानसिंह को पहले जेठ ने सुनीता की तबीयत खराब होने की जानकारी दी। अस्पताल पहुंचने तक उसे अजमेर रेफर किया जा चुका था। परिजनों ने पुलिस से मामले की निष्पक्ष, गहन जांच की मांग की है।

डाकघर में नौकरी, आरएएस की तैयारी

मृतका के पिता सेन्दड़ा, मोतीनंगर निवासी सेवानिवृत्त सैनिक लालसिंह रावत ने बताया कि तीन बेटियों व बेटे में सुनीता मंझली थी। वह सेन्दड़ा डाकघर में जेडीएस के पद पर कार्यरत थी। आरएएस प्री परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद उसने मुख्य परीक्षा भी दी थी। वर्ष 2023 में उसकी शादी हरिसिंह से हुई थी।

लालसिंह का आरोप है कि हरिसिंह बेरोजगार है और नशे का आदी है। वह करीब डेढ़ साल से सुनीता को परेशान करता था। दो माह पहले विवाद के बाद सुनीता पीहर आ कर रहने लगी। करीब 15 दिन पहले ससुराल पक्ष के माफी मांगने पर उसको वापस भेजा गया था।



Updated on:
01 Oct 2026 11:51 am
Published on:
01 Oct 2026 11:51 am