खबर लिखे जाने तक कोई गोताखोर मौके पर नहीं पहुंचा। ग्रामीणों ने ही दो बच्चों के शव बाहर निकाले। तीसरे बच्चे के शव की तलाश जारी है।
निकटवर्ती गोपालपुरा गांव में मंगलवार को दर्दनाक हादसा हो गया। यहां उफनती खारी नदी (khari river ) में नहाने गए सात स्कूली बच्चे (school children) अचानक संतुलन बिगडऩ से बह गए। जानकारी मिलते ही ग्रामीण (villagers) मौके पर पहुंचे और कड़ी मशक्कत के बाद चार बच्चों को बचा लिया। जबकि तीन बच्चों की मौत (died) हो गई। खबर लिखे जाने तक कोई गोताखोर (swimmers) मौके पर नहीं पहुंचा। ग्रामीणों ने ही दो बच्चों के शव बाहर निकाले। तीसरे बच्चे के शव की तलाश जारी है।
जानकारी के मुताबिक गोपालपुरा गांव के स्कूल से छठी से आठवीं कक्षा के करीब सात बच्चे खारी नदी में नहाने के लिए निकले। बरसात (barish) के चलते इन दिनों खारी नदी उफान पर है। इसी उफनते पानी में नहाने (swimming)उतरे सात बच्चों संतुलन बिगडऩे से बह गए।
ग्रामीणों के उड़े होश
बच्चों के बहने की सूचना मिलते ही ग्रामीणों के होश उड़ गए। ग्रामीण तत्काल खारी नदी पर पहुंचे। यहां तैराक ग्रामीण उफनते पानी में उतरे। उन्होंने धोती और साफों की सहायता (rescue operation)से चार बच्चों को पानी से बाहर निकाल लिया। जबकि तीन बच्चे दूर तक बह गए।
तीन बच्चों की मौत
पानी में डूबने से तीन बच्चों की मृत्यु हो गई। ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद दो बच्चों के शव (dead body) को बाहर निकाल लिया। जबकि तीसरे बच्चे की शव की तलाश जारी है।
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पुलिस पहुंची, गोताखोर नदारद
सूचना मिलने पर सावर थानाधिकारी (police) और अन्य अधिकारी (official) मौके पर पहुंच गए। लेकिन प्रशासनिक सूचना के बाद भी कुशल गोताखार (experinced divers) नहीं पहुंच सके। ग्रामीणों ने ही तलाशी अभियान का मोर्चा संभाला। पुलिस भी महज मौके पर तैनात रही। खबर लिखे जाने तक एक बालक के शव की तलाशी (search operation) जारी थी।
नहीं है कोई इंतजाम
खारी नदी क्षेत्र की प्रमुख नदी है। खारी (khari river) और बनास (banas river) का पानी बीसलपुर बांध तक जाता है। करीब 40 साल पहले तक यहां पुल भी नहीं था। लोग पानी में उतरकर नदी पार करते थे। खारी नदी में कमर तक पानी भरा रहता था। पुल बनने के बावजूद हालांकि लोगों का नदी में जाना कम हो गया है, लेकिन यहां बाढ़ (flood) और आपात स्थिति (emergency) से निबटने के लिए कोई नाव (boat), उपकरण (life jacket) नहीं रखे गए हैं। खासतौर गांवों के निकट खारी के तटबंध खुले हुए है। इसको लेकर भी ग्रामीणों में खासी नाराजगी नजर आई।
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