अजमेर

राजस्थान: पिछले साल जुलाई के पहले पखवाड़े में ज्यादा मेहरबान था मानसून, जानिए कब पूरा होगा बारिश का इंतजार

Rajasthan Monsoon: पिछले साल जून के दूसरे पखवाड़े में मानसून सक्रिय हो गया था। पूरे जुलाई-अगस्त तक मानसून सक्रिय रहा। इसके चलते अच्छी बरसात हुई थी। जानिए इस बार जुलाई में क्यों नहीं हो रही बारिश?
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Jul 15, 2026
rajasthan rain today news
जुलाई के शुरुआत में पिछले दिनों हुई बरसात (File Photo Patrika )

Rajasthan Monsoon Update: अजमेर। इस बार जून-जुलाई के पहले पखवाड़े में मानूसन कम मेहरबान है। पिछले साल इस अवधि में अजमेर जिले में 158.9 मिलीमीटर अधिक बरसात हुई थी। इस बार 9.84 प्रतिशत ही अधिक बरसात हुई है। जिले के कई बांध और तालाब खाली पड़े हैं। जिले में मानसून की अवधि 1 जून से 30 सितम्बर (122 दिन) तक मानी जाती है। इस दौरान होने वाली बरसात से खेतों में सिंचाई, तालाबों-बांधों में पानी आता है।

पिछले साल यह थी वजह

महर्षि दयानंद सरस्वती (मदस) विश्वविद्यालय के पूर्व पर्यावरण विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. प्रवीण माथुर ने बताया कि पिछले साल जून के दूसरे पखवाड़े में मानसून सक्रिय हो गया था। पूरे जुलाई-अगस्त तक मानसून सक्रिय रहा। इसके चलते अच्छी बरसात हुई थी। पिछले साल पश्चिम विक्षोभ के चलते मई-जून में करीब 50 मिलीमीटर से ज्यादा बरसात हुई थी। मौसम विभाग का कहना है कि अगल कुछ दिन प्रदेश में कुछ जगहों पर हल्की बारिश हो सकती है। अगर 20 जुलाई के आसपास बंगाल की खाड़ी या अरब सागर में मजबूत मौसम तंत्र बनता है तो मानसून का दूसरा दौर प्रदेश में अच्छी बारिश लेकर आ सकता है।

इसलिए नहीं हो रही इस बार बारिश

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार इस बार राजस्थान में बारिश कम होने के पीछे कई कारण हैं। प्रशांत महासागर के भूमध्यरेखीय क्षेत्र में अल नीनो के प्रभाव से बादलों में नमी कम रही। वहीं, बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से आने वाली मानसूनी शाखाओं की नमी प्रदेश में पहुंचने से पहले कमजोर पड़ गई। मजबूत निम्न दबाव तंत्र लगातार नहीं बनने से बारिश का क्रम टूट रहा है। इसके अलावा उत्तर-पश्चिम से आने वाली शुष्क हवाएं मानसूनी नम हवाओं पर हावी रहीं। दक्षिण-पश्चिम से आने वाली हवाओं को ऊपर उठने के लिए अनुकूल परिस्थितियां नहीं मिलीं और प्रदेश में व्यापक बारिश नहीं हो सकी।

इन जलाशयों में आया पानी

अजमेर जिले के लसाड़िया बांध में 1.87 मीटर, रामसर में 6 फीट 6 इंच, मदन सरोवर धानवा में 3 फीट, बिसुन्दनी बांध में 1.10 मीटर, आनासागर में 10 फीट 7 इंच तथा ताज सरोवर अरनिया में एक फीट 5 इंच,पारा प्रथम में 3 फीट, लोरडी सागर में एक फीट 4 इंच, पारा द्वितीय में 2 फीट 7 इंच, फायसागर में 20 फीट 11 इंच तथा शिवसागर न्यारा में 11 फीट 4 इंच।

यहां फिलहाल इंतजार

ऊंटड़ा, रूपनगढ़ मूंडोती, नारायण सागर खारी, डेह सागर बड़ली, न्यू बरोल, मान सागर जोतायां, अजगरा, बांके सागर, कोडिय़ा सागर अरांई, जवाहर सागर सिरोंज, सुरखेली सागर अरांई, बिजयसागर लाम्बा, विजयसागर फतेहगढ़, बांके सागर सरवाड।

जून-जुलाई के पहले पखवाड़े तक बरसात

  • 2016- 92.1
  • 2017- 150
  • 2018- 179
  • 2019- 202
  • 2020- 75.2
  • 2021- 46.1
  • 2022- 90.1
  • 2023-127.3
  • 2024- 121.1
  • 2025- 279.19