
अलीगढ़ : असम में भारतीय वायुसेना के परिवहन विमान AN-32 के दुर्घटनाग्रस्त होने से अलीगढ़ जिले के एक जवान की मौत हो गई। शहीद जवान की पहचान 31 वर्षीय सार्जेंट जितेंद्र शर्मा के रूप में हुई है, जो पिछले एक वर्ष से असम के जोरहाट में तैनात थे। हादसे की खबर मिलते ही उनके गांव और परिवार में शोक की लहर दौड़ गई।
जानकारी के अनुसार, शनिवार सुबह करीब 10 बजे वायुसेना का AN-32 विमान लैंडिंग के दौरान दुर्घटना का शिकार हो गया। इस हादसे में जितेंद्र शर्मा समेत पांच लोगों की जान चली गई। दोपहर में सेना के अधिकारियों ने परिवार को घटना की सूचना दी, जिसके बाद घर में मातम छा गया।
जितेंद्र शर्मा भारतीय वायुसेना में वर्ष 2015 में भर्ती हुए थे और पिछले करीब 11 वर्षों से देश सेवा कर रहे थे। परिवार में उनकी मां राजेश्वरी देवी, दो बड़े भाई रमाकांत और भूपेंद्र शर्मा हैं। पिता करुआ शर्मा का करीब 12 वर्ष पहले निधन हो चुका था। इसके बाद मां ने ही परिवार की जिम्मेदारी संभाली।
परिजनों के मुताबिक, जितेंद्र हाल ही में 15 दिनों की छुट्टी बिताकर गांव से वापस ड्यूटी पर लौटे थे। वह 5 जून को असम के लिए रवाना हुए थे। परिवार में उनके विवाह की तैयारियां भी शुरू होने वाली थीं। कुछ दिन पहले ही उन्होंने शादी के लिए एक लड़की देखी थी और घरवाले आगे की प्रक्रिया पर विचार कर रहे थे।
जितेंद्र के बड़े भाई भूपेंद्र शर्मा ने बताया कि विमान हादसे की खबर टीवी पर देखने के बाद परिवार को अनहोनी की आशंका हुई थी। बाद में सेना के अधिकारियों के फोन से उनके निधन की पुष्टि हुई। उन्होंने बताया कि ड्यूटी पर लौटते समय जितेंद्र ने मां से सामान्य बातचीत की थी और कहा था, 'चलूं मां, फिर आऊंगा।' किसी को अंदाजा नहीं था कि यह उनकी आखिरी विदाई होगी।
शहीद जितेंद्र शर्मा का पार्थिव शरीर रविवार तक उनके पैतृक गांव पहुंचने की संभावना है। गांव में अंतिम दर्शन और श्रद्धांजलि की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। स्थानीय लोग, रिश्तेदार और क्षेत्रवासी लगातार परिवार के घर पहुंचकर शोक संवेदना व्यक्त कर रहे हैं।