अलीगढ़

खराब किडनी की जगह स्वस्थ किडनी निकाल दी, महिला की मौत पर डॉक्टर पर 2 करोड़ का जुर्माना

Medical Negligence Case: मेडिकल लापरवाही की हैरान करने वाली खबर! डॉक्टर ने खराब किडनी की जगह निकाल दी महिला की बिल्कुल सही किडनी। 2 साल तक तड़पने के बाद महिला ने तोड़ा दम। अब कोर्ट ने डॉक्टर पर लगाया 2 करोड़ रुपये का जुर्माना। पढ़ें पूरी खबर...
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May 21, 2026
Medical negligence case, Wrong kidney removed
खराब की जगह निकाल दी महिला की सही किडनी | फोटो सोर्स- gemini

Medical Negligence Case: उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ से दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक डॉक्टर की लापरवाही से एक महिला की जान चली गई। डॉक्टर को महिला की खराब हुई दाहिनी (Right) किडनी निकालनी थी, लेकिन उसने गलती से बाईं ओर की स्वस्थ किडनी ही बाहर निकाल दी। अब मामले में कंज्यूमर कोर्ट ने डॉक्टर पर 2 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। ये रुपये पीड़ित परिवार को दिए जाएंगे।

पेट दर्द से शुरू हुआ था दुखों का पहाड़

मामला साल 2012 का है। अलीगढ़ की रहने वाली एक महिला को पेट में तेज दर्द हुआ था। वह इलाज के लिए आशीर्वाद नर्सिंग होम गई। डॉक्टर ने जांच करने के बाद बताया कि महिला की दाहिनी किडनी में गड़बड़ी है और उसे ऑपरेशन करके बाहर निकालना पड़ेगा। डॉक्टर की बात मानकर परिवार वालों ने महिला को अस्पताल में भर्ती करवा दिया।

ऑपरेशन थियेटर में डॉक्टर ने कर दी बड़ी गड़बड़ी

6 मई 2012 को महिला का ऑपरेशन किया गया। ऑपरेशन के बाद महिला को डायलिसिस पर रख दिया गया, लेकिन उनकी तकलीफ कम होने का नाम ही नहीं ले रही थी। जब दर्द बहुत ज्यादा बढ़ गया, तो घरवाले उन्हें दूसरे अस्पताल ले गए। वहां जब महिला का दोबारा सीटी स्कैन और बाकी टेस्ट हुए तो सच्चाई जानकर सबके होश उड़ गए। डॉक्टरों ने बताया कि जिस खराब दाहिनी किडनी को निकाला जाना था, वह तो शरीर के अंदर ही है। खराब की जगह डॉक्टर ने गलती से उनकी बिल्कुल स्वस्थ बाई ओर की किडनी बाहर निकाल दी है।

दो साल तक जिंदगी और मौत से लड़ती रही महिला

इस लापरवाही का असर महिला के शरीर पर बहुत बुरा पड़ा। एक अच्छी किडनी शरीर से निकल चुकी थी और दूसरी पहले से ही खराब थी। इसके कारण उनका शरीर धीरे-धीरे जवाब देने लगा। करीब दो साल तक बिस्तर पर दर्द से जूझने के बाद, आखिरकार खून में पोटेशियम की मात्रा बढ़ने और लो ब्लड शुगर की वजह से महिला ने दम तोड़ दिया।

कानून का शिकंजा और डॉक्टर का लाइसेंस हुआ रद्द

इस घटना के बाद पीड़ित परिवार ने केस दर्ज कराया। सरकारी डॉक्टरों के मेडिकल बोर्ड की भी जांच में डॉक्टर की ही गलती निकली, जिसके बाद कोर्ट में केस चला। डॉक्टर ने खुद को बचाने के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया, लेकिन वहां से भी उसे कोई राहत नहीं मिली। इसके बाद उत्तर प्रदेश मेडिकल काउंसिल और मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया ने डॉक्टर को दोषी बताते हुए उसका लाइसेंस 2 साल के लिए सस्पेंड कर दिया और उसका नाम डॉक्टरों के रजिस्टर से हटा दिया।

कोर्ट में डॉक्टर की अजीब दलीलें

जब यह मामला उपभोक्ता आयोग के पास पहुंचा, तो डॉक्टर के वकीलों ने अजीब दलीलें दीं। उन्होंने कहा कि दाहिनी तरफ से चीरा लगाकर बाईं किडनी को निकालना मुमकिन ही नहीं है, इसलिए ये सारे आरोप झूठे हैं।
हालांकि, कोर्ट ने डॉक्टर के इन बहानों को पूरी तरह से खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि जब ऑपरेशन से पहले की रिपोर्ट में बाई किडनी बिल्कुल साफ और सही थी, तो उसे छूने की जरूरत ही क्या थी? कोर्ट ने इसे चिकित्सा इतिहास की सबसे बड़ी लापरवाही और एक बड़ा मानवीय संकट बताया।

परिवार को मिलेगा 2 करोड़ रुपये का मुआवजा

अदालत ने फैसला सुनाते हुए बहुत ही भावुक बात कही। कोर्ट ने कहा कि एक मां, पत्नी और गृहिणी का जाना किसी भी परिवार के लिए ऐसा नुकसान है, जिसकी भरपाई दुनिया की कोई भी दौलत नहीं कर सकती। अगर डॉक्टर ने यह भयंकर भूल न की होती, तो वह महिला आज जिंदा होती।

उपभोक्ता आयोग ने कहा कि एक मां, पत्नी और गृहिणी का नुकसान कभी पूरा नहीं किया जा सकता। आयोग ने डॉक्टर की लापरवाही के लिए 1.5 करोड़ रुपये का मुआवजा तय किया। इसके अलावा मृतका के परिवार के प्रत्येक सदस्य को 10-10 लाख रुपये देने का आदेश दिया। साथ ही 1 लाख रुपये कानूनी खर्च के लिए अलग से देने को कहा। उपभोक्ता आयोग ने अपने फैसले में कहा कि इस प्रकार शिकायतकर्ताओं को कुल 2 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाएगा।

Updated on:
21 May 2026 06:25 pm
Published on:
21 May 2026 06:15 pm