अलवर

Alwar Gang Rape: 13 साल की मासूम को फ्लैट में ले जाकर किया गैंग रेप, अश्लील फोटो-वीडियो बनाकर देता रहा धमकी

Alwar News: अलवर में 13 साल की मासूम से गैंग रेप के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए तीन आरोपियों को 20-20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।

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Mar 29, 2026
File Photo: Patrika

Rajasthan's Gang Rape Case: अलवर जिला एवं सत्र न्यायालय खैरथल-तिजारा के न्यायाधीश शैलेन्द्र व्यास ने 13 वर्षीय मासूम से सामूहिक बलात्कार के तीन अभियुक्तों को 20-20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने स्पष्ट किया कि मासूमों के साथ ऐसा कृत्य करने वाले समाज के लिए खतरा हैं और उन्हें किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जा सकता।

फैसले के दौरान न्यायाधीश ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि यह अपराध घोर अमानवीय है। उन्होंने कहा कि अपराध की घोर अमानवीय प्रकृति को देखते हुए, विशेषकर पीड़िता की कोमल आयु और समाज पर इसके विनाशकारी प्रभाव को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। बालिकाओं की सुरक्षा और न्याय के उद्देश्यों की पूर्ति के लिए ऐसी सजा देना न्यायसंगत है जो समाज में नजीर पेश करे।

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लोक अभियोजक रामजस यादव ने बताया कि जुलाई, 2024 को मुख्य आरोपी तेजप्रताप बालिका को अगवा कर एक फ्लैट में ले गया। जहां तेजप्रताप और गौरव ने उसके साथ बलात्कार कर उसके अश्लील फोटो और वीडियो बना लिए। आरोपियों ने घटना के बारे में किसी को बताने पर उसके अश्लील फोटो व वीडियो वायरल करने और परिजनों को जान से मारने की धमकी दी।

इसके बाद 20 अक्टूबर, 2024 को मुख्य आरोपी तेजप्रताप पीड़िता को ब्लैकमेल कर सीताराम उर्फ सितो की कार में बैठाकर जबरन रेवाड़ी के एक होटल में ले गया, जहां आरोपी ने उसके साथ फिर से बलात्कार किया। घटना के बाद बालिका गुमसुम रहने लगी। आखिर में उसने अपने परिजनों को घटना के बारे में बताया। जिसके बाद 1 नवंबर, 2024 को बालिका के पिता ने थाने में मामला दर्ज कराया।

23 गवाह और 60 दस्तावेजी साक्ष्यों से मिली सजा

मामले में अनुसंधान के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश किया। इस दौरान 23 गवाहों के बयान और 60 दस्तावेजी साक्ष्य प्रदर्शित कराए गए। साथ ही, घटना से जुड़े 4 आर्टिकल्स (भौतिक साक्ष्य) भी प्रदर्शित किए गए। जिनके आधार पर न्यायालय ने आरोपियों की भूमिका को अपराध में समान रूप से गंभीर मानते हुए तीनों को 20-20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके अलावा आर्थिक दंड से भी दंडित किया है।

न्यायालय ने मुख्य अभियुक्त तेजप्रताप पर 1.80 लाख, गौरव पर 1.30 लाख और सीताराम उर्फ सितो पर 5 हजार रुपए का अर्थदंड लगाया है। वहीं, पीड़ित पक्ष की आर्थिक और मानसिक स्थिति को समझते हुए उसे 5 लाख रुपए का प्रतिकर एक माह में दिलाए जाने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण खैरथल-तिजारा से अनुशंसा की गई है।

अलवर पॉक्सो कोर्ट में चला था ट्रायल

मामले में अलवर जिले के विशिष्ट न्यायालय पॉक्सो संख्या-4 में आरोपियों के खिलाफ ट्रायल चला था। लेकिन बाद में नए जिलों का गठन होने से क्षेत्राधिकार बदल जाने के कारण अंतिम बहस से तुरंत पहले केस को अलवर पॉक्सो कोर्ट से जिला एवं सत्र न्यायालय खैरथल-तिजारा में ट्रांसफर किया गया था। प्रकरण में अब न्यायालय का फैसले को विशिष्ट लोक अभियोजक डॉ. प्रशांत यादव ने न्याय की जीत बताया है।

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Published on:
29 Mar 2026 02:07 pm
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