ACB Filled Case: नगर निगम में तैनात एक होमगार्ड ने कबाड़ी की दुकान वाले से 2 लाख रुपए की रिश्वत मांगी थी। ACB ने मामले का खुलासा करते हुए होमगार्ड संजय शर्मा पर केस दर्ज किया।
Bribe Case Against Municipal Corporation Home Guard Sanjay Sharma: नगर निगम में भ्रष्टाचार के खेल का खुलासा हुआ है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) जयपुर ने निगम में तैनात होमगार्ड पर 2 लाख रुपए की रिश्वत मांगने पर केस दर्ज किया है। साथ ही, निगम के दो अन्य कार्मिक भी इस मामले में फंस गए हैं। इस मामले की जांच उप अधीक्षक एसीबी दौसा रविंद्र सिंह को सौंपी गई है।
मामला विजय मंदिर रोड शिकारी बास अलवर निवासी जगन कुमार का है। इनकी शिकारी बास में कबाड़ी की दुकान है, जो खुले परिसर में चलती है। इसे खाली करने के लिए नगर निगम ने नोटिस जारी किया। इसी नोटिस को दबाने के लिए जगन कुमार से निगम में तैनात हीराबास निवासी होमगार्ड संजय शर्मा ने 1 लाख की रिश्वत मांगी। जगन ने यह राशि ज्यादा बताते हुए किनारा कर लिया।
रिपोर्ट के मुताबिक, रिश्वत नहीं देने पर 25 अगस्त, 2025 को निगम की टीम उसकी दुकान पर पहुंची और कई ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से कबाड़ा निकालकर कहीं और ले गए। इस कार्रवाई का विरोध किया, लेकिन निगम की टीम नहीं मानी।
कुछ वकील जगन के मामले में दखल देने पहुंचे, तो कार्रवाई रोकी गई। उसके बाद होमगार्ड संजय ने फिर जगन से संपर्क साधा और इस पूरे मामले को निपटाने के लिए राशि बढ़ाकर 2 लाख कर दी। कहा कि ऊपर तक मैनेज करना होगा। राशि मिलते ही सब सेट कर दूंगा।
इसके बाद जगन ने इन्हें एसीबी में ट्रैप करवाने की योजना बनाई। एसीबी ने पहले जाल बिछाकर ईटाराणा मार्ग स्थित आइटीआइ कॉलेज के पास जगन को कॉल रिकॉर्डर देकर भेजा, जिसमें होमगार्ड संजय 2 लाख रुपए की रिश्वत मांग रहे हैं।
उसके अगले दिन एसीबी ने 50 हजार के असली और 1.50 लाख के नकली नोटों का बैग तैयार कर संजय को ट्रैप करने का जाल बिछाया, लेकिन संजय का अगले दिन कॉल नहीं आया। तीसरे दिन कॉल आया, तो उसने जगन से मुख्य बाजार स्थित एक साइकिल की दुकान पर पैसे रखने के लिए कहा।
इसी बीच संजय को शक हो गया। उसने जगन से कहा कि उसे फंसाने के लिए ऐसा कर रहे हैं। संजय के सतर्क होने के बाद एसीबी उसे ट्रैक नहीं कर पाई, लेकिन संजय पर कॉल रिकॉर्डिंग के आधार पर केस दर्ज कर लिया और निगम के अन्य लोगों के खिलाफ भी जांच शुरू कर दी, जिससे हड़कंप मचा हुआ है।
नगर निगम आयुक्त के 5 बार फर्जी हस्ताक्षर करके लेटर होमगार्ड कार्यालय भेजा गया, जिसमें संजय को निगम में लगाने की बार-बार मांग की गई। यह पत्र किसकी ओर से जारी किया गया, इस मामले को निगम ने खुद ही दबा दिया। मामला सामने आने के बाद होमगार्ड संजय को निगम से हटा दिया गया।
यह मामला मेरे कार्यभार ग्रहण करने से पहले का है। केस किन पर दर्ज हुआ है, यह मेरी जानकारी में नहीं है। यदि एसीबी हमसे कोई जानकारी मांगती है, तो वह दी जाएगी। होमगार्ड को हमने कार्यालय से हटा दिया है।
-सोहन सिंह नरूका, आयुक्त, नगर निगम