
अलवर में पुलिस ने एक नाबालिग लड़की सहित कुल चार गुमशुदा लोगों को सकुशल दस्तयाब किया है। जिला पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी के निर्देश पर अखैपुरा थाना पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है । पुलिस की अलग-अलग टीमों ने तकनीकी सहायता और मुखबिरों की सूचना के आधार पर चार लापता लोगों को ढूंढ निकाला है, जिनमें एक नाबालिग बच्ची भी शामिल है ।
अखैपुरा थानाधिकारी संजय शर्मा ने बताया कि पुलिस के पास लगातार गुमशुदगी के मामले आ रहे थे, जिस पर तुरंत एक्शन लेते हुए टीमें गठित की गईं। पहला मामला 9 जुलाई का था, जब एक मां ने अपनी नाबालिग बेटी के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने तकनीकी मदद से इस बच्ची को जयपुर से दस्तयाब किया और सीडब्ल्यूसी (CWC) बोर्ड के सामने पेश कर सखी सेंटर भिजवाया।
पुलिस ने सिर्फ राजस्थान ही नहीं, बल्कि दूसरे राज्यों में भी छापेमारी कर लोगों को सकुशल बरामद किया। 11 जुलाई को एक पिता ने रिपोर्ट दी थी कि उसका बेटा दोस्त को कॉपी देने की बात कहकर निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा । पुलिस ने उसे बिलासपुर (गुरुग्राम) से ढूंढ निकाला और माता-पिता को सौंप दिया।
इसी तरह 15 जुलाई को घर से बिना बताए निकली एक युवती को पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद ग्रेटर नोएडा (यूपी) से बरामद कर परिजनों के सुपुर्द किया। इसके अलावा 27 जून से दुकान जाने की कहकर लापता हुई एक अन्य युवती को भी पुलिस ने ढूंढकर उसके घरवालों के हवाले कर दिया है।
इस अभियान के बीच रविवार (19 जुलाई) की रात करीब 11 बजे अखैपुरा थाना पुलिस को इलाके में एक 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला लावारिस हालत में घूमती हुई मिली। महिला की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी और वह अपना नाम-पता भी नहीं बता पा रही थी। सीनियर सिटीजन होने के नाते पुलिस ने उनका विशेष ध्यान रखा और चाय-पानी पिलाकर प्यार से पूछताछ की।
इसके बाद पुलिस ने सोशल मीडिया और आसपास के थानों से संपर्क साधा। जांच में सामने आया कि महिला अलवर के विजय मंदिर थाना इलाके की रहने वाली है। पुलिस ने तुरंत महिला के पोते और परिवारजनों को थाने बुलाया और उन्हें सही-सलामत सौंप दिया। अपनों को दोबारा सामने देख बुजुर्ग महिला की आंखें भर आईं और परिजनों ने अलवर पुलिस का दिल से आभार जताया।