अलवर

Alwar News: परीक्षा रूम में मोबाइल से नकल, CCTV और टीचर के सामने छात्र ने बनाई रील

अलवर के बाबू शोभाराम राजकीय कला कॉलेज में सीसीटीवी कैमरों और टीचरों की निगरानी को ठेंगा दिखाकर छात्रों ने इतिहास के पेपर में मोबाइल से नकल की। परीक्षा रूम के अंदर से मोबाइल चलाकर उत्तर लिखने और रील बनाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।
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Jul 07, 2026
exam cheating
एग्जाम हॉल में मोबाइल से नकल करता स्टूडेंट

अलवर के बाबू शोभाराम राजकीय कला महाविद्यालय में इतिहास विषय की परीक्षा में नकल का मामला सामने आया है। इसका वीडियाे वायरल हो रहा है, जिसमें एक छात्र बेखौफ होकर यह कहता नजर आ रहा है कि आंधी आए या तूफान, हम नहीं दबने वाले। खास बात यह है कि परीक्षा कक्ष में सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में वीक्षक की उपस्थिति के बावजूद नकल होना कॉलेज प्रशासन की कार्यशैली को कटघरे में खड़ा कर रही है।

दरअसल, अलवर के कला कॉलेज में चतुर्थ सेमेस्टर के इतिहास विषय की परीक्षा हो रही थी। इसमें एक परीक्षा कक्ष में छात्र खुलेआम मोबाइल फोन के जरिए प्रश्नों के उत्तर खोजकर उत्तर पुस्तिका में लिखते दिखाई दिए। जिस कक्ष का वीडियो सामने आया है, वहां सीसीटीवी कैमरा भी लगा हुआ था और परीक्षा की निगरानी के लिए वीक्षक भी मौजूद थे। इसके बावजूद छात्र बिना किसी भय के मोबाइल का उपयोग करते रहे।

वीडियो में छात्र ने खुद किया नकल का जिक्र

वायरल वीडियो में एक छात्र स्वयं वीडियो बनाते हुए परीक्षा की बात कहता है। इसके बाद वह अपनी जाति का उल्लेख करते हुए कहता है कि नहीं दबने वाले, आंधी आए या तूफान, जब तक पेपर हमारे पास है। छात्र का यह बयान परीक्षा नियमों की खुली अवहेलना और कार्रवाई के भय के अभाव को दर्शाता है।

निगरानी व्यवस्था पर उठे सवाल

परीक्षा केंद्रों में मोबाइल फोन ले जाना और उसका उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित है। इसके बावजूद यदि छात्र परीक्षा कक्ष में मोबाइल से उत्तर खोजकर लिख रहे हैं, तो इससे परीक्षा संचालन और निगरानी व्यवस्था की प्रभावशीलता पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। सीसीटीवी कैमरे और वीक्षक होने के बावजूद ऐसी गतिविधियां रोकने में विफलता व्यवस्था की बड़ी चूक मानी जा रही है।


ईमानदार विद्यार्थियों के साथ अन्याय

शिक्षाविदों का मानना है कि यदि ऐसे मामलों पर समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो मेहनत और ईमानदारी से परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों के साथ अन्याय होगा। साथ ही विश्वविद्यालय की परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता भी प्रभावित होगी। अब निगाहें कॉलेज प्रशासन और संबंधित अधिकारियों पर हैं कि वायरल वीडियो की जांच कर दोषियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।

मोबाइल के जरिए परीक्षा देने वाले छात्रों का मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। अगर ऐसा हुआ है तो नियमों के अनुसार कार्रवाई होगी - अशोक आर्य, प्राचार्य, कला कॉलेज अलवर

Updated on:
07 Jul 2026 02:56 pm
Published on:
07 Jul 2026 02:55 pm