अलवर

जयपुर-दिल्ली को जोड़ने वाला यह हाईवे नहीं होगा फोरलेन, मरम्मत पर खर्च होंगे 53 करोड़, जानें क्यों पीछे हटी सरकार?

Alwar-Behror Highway: राजस्थान सरकार अलवर-बहरोड़ स्टेट हाईवे-14 को फोरलेन में तब्दील करने से फिलहाल पीछे हट गई है। मौजूदा सड़क की मरम्मत के लिए 53 करोड़ रुपए जारी किए गए हैं।

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May 21, 2026
अलवर-बहरोड़ मार्ग। फोटो: पत्रिका

अलवर। राजस्थान सरकार अलवर-बहरोड़ स्टेट हाईवे-14 को फोरलेन में तब्दील करने से फिलहाल पीछे हट गई है। मौजूदा सड़क की मरम्मत के लिए 53 करोड़ रुपए जारी किए गए हैं, जबकि जनता इंतजार कर रही थी कि मार्ग फोरलेन होने से वाहन फर्राटा भरेंगे और अलवर-बहरोड़ की दूरी करीब 40 मिनट कम हो जाएगी। अब राजस्थान राज्य सड़क विकास एवं निर्माण निगम (आरएसआरडीसी) इस मार्ग की मरम्मत के लिए टेंडर करने जा रहा है। जुलाई में काम शुरू हो जाएगा।

अलवर-बहरोड़ स्टेट हाईवे को फोरलेन बनाने का प्रोजेक्ट प्रदेश सरकार ने तैयार किया था। इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट आरएसआरडीसी ने करीब 8 माह में तैयार की थी। डीपीआर के अनुसार इस हाईवे को फोरलेन करने में 483 करोड़ का खर्च आना था। अलवर से बहरोड़ तक 70 किमी मार्ग फोरलेन होना था। इसकी राह में कुछ अतिक्रमण हटने थे और कुछ जमीन अधिग्रहित की जानी थी।

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यह प्रस्ताव सरकार के पास पहुंचा, तो इसे किनारे कर दिया गया। बताया जा रहा है कि बजट अधिक होने के कारण सरकार ने दिलचस्पी नहीं दिखाई, लेकिन इस मार्ग की हालात दयनीय होने के कारण मरम्मत के लिए 53 करोड़ रुपए देने का निर्णय लिया गया और रकम भी आरएसआरडीसी को भेज दी गई है।

फोरलेन होना इसलिए जरूरी

-वर्तमान में टू-लेन वाले इस मार्ग पर अक्सर जाम लगता है और 70 किमी की दूरी तय करने में लगभग 2 घंटे का समय लगता है। फोरलेन बनने के बाद यह सफर सिर्फ एक घंटे का रह जाएगा।
-औद्योगिक एवं पर्यटन विकास के लिए भी यह मार्ग जरूरी है। यह मार्ग नीमराणा, भिवाड़ी और खैरथल के औद्योगिक क्षेत्रों से जुड़ा है।
-खाटूश्याम और अन्य धार्मिक स्थलों पर जाने वाले हजारों श्रद्धालुओं और पर्यटकों का भी आवागमन रहता है। भारी वाहनों के दबाव के कारण सड़क को चौड़ा करना जरूरी हो गया।
-दिल्ली-जयपुर नेशनल हाईवे से कनेक्टिविटी होने से जनता को सीधा लाभ मिलता।
-दुर्घटनाओं का ग्राफ कम होगा। जिंदौली घाटी सहित कई जगहों पर संकरे और खतरनाक घुमाव।

इनका कहना है

अलवर-बहरोड़ मार्ग को फोरलेन करने के लिए डीपीआर सरकार को काफी समय पहले भेजी जा चुकी है। सरकार ने इस मार्ग की मरम्मत के लिए 53 करोड़ मंजूर किए हैं। जल्द ही टेंडर लगाएंगे।
-सतीश कुमार, परियोजना निदेशक, आरएसआरडीसी

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