
राजस्थान के अलवर जिले के लक्ष्मणगढ़ थाना क्षेत्र से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहं के तिलकपुर गांव में स्थित संत शिरोमणि परमहंस हरचंद दास मंदिर में महाराज के जन्मोत्सव के मौके पर धूमधाम से श्रीमद भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा था। बुधवार शाम को जब श्रद्धालु पूरी आस्था के साथ कथा सुन रहे थे, तभी एक मामूली बात पर शुरू हुआ विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया।
जानकारी के अनुसार बुधवार शाम को मंदिर परिसर के पास गांव के ही कुछ युवक तेज रफ्तार में मोटरसाइकिल चला रहे थे। इसी दौरान लापरवाही से चलाई जा रही बाइक ने कथा स्थल पर मौजूद एक युवक को टक्कर मार दी, जिससे उसे चोट लग गई। वहां मौजूद लोगों ने जब उन लड़कों को टोकते हुए उलाहना दिया, तो बात बढ़ गई। देखते ही देखते दोनों पक्षों के परिजन और अन्य लोग भी वहां इकट्ठा हो गए और दोनों तरफ से लोग आमने-सामने आ गए।
विवाद इतना बढ़ा कि दोनों पक्षों के लोग लाठी, डंडे और धारदार हथियार लेकर एक-दूसरे पर टूट पड़े। पंडाल के भीतर जमकर लात-घूंसे चले, जिससे वहां मौजूद महिलाओं और बच्चों में चीख-पुकार मच गई और पूरे कथा स्थल पर अफरा-तफरी का माहौल हो गया। घटना की सूचना मिलते ही लक्ष्मणगढ़ थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और मामला शांत कराया। पुलिस ने मारपीट में घायल हुए युवकों को तुरंत अस्पताल पहुँचाया, जहां उनका इलाज जारी है।
इस मामले में मंदिर के महंत बालकदास ने गांव के ही करीब एक दर्जन लोगों के खिलाफ पंडाल में घुसकर धार्मिक अनुष्ठान को रोकने, मंडप तोड़ने और लाठी-डंडों से जानलेवा हमला करने का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज कराया है। महंत का कहना है कि हमले में एक दर्जन लोग चोटिल हुए हैं।
वहीं, दूसरे पक्ष ने भी आरोप लगाया है कि रास्ते में लट्ठा लगाने की शिकायत करने पर उन पर हमला किया गया और महिलाओं के साथ बदसलूकी की गई। पुलिस ने दोनों पक्षों की रिपोर्ट लिखकर जांच शुरू कर दी है। इस बीच, इस पूरी घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें लोग एक-दूसरे पर डंडे बरसाते नजर आ रहे हैं।