
अलवर में जिला परिषद और पंचायत चुनाव के बीच भाजपा की बाड़ाबंदी में रह रहे जिला पार्षद प्रत्याशियों के सामने अब दिवाली का त्योहार मनाने को लेकर असमंजस की स्थिति है। पार्टी की ओर से कई प्रत्याशियों को गुवाहाटी में ठहराया गया है। ऐसे में प्रत्याशी पांच दिन के लिए घर लौटकर परिवार के साथ दिवाली मनाना चाहते हैं। बताया जा रहा है कि करीब 8 से 10 प्रत्याशियों ने घर जाने की इच्छा जताई है, लेकिन पार्टी के नेता फिलहाल उन्हें छोड़ने के लिए तैयार नहीं हैं।
बाड़ाबंदी में रह रहे प्रत्याशियों का कहना है कि चुनाव अपनी जगह है, लेकिन दिवाली साल का बड़ा त्योहार है। इस मौके पर परिवार के साथ रहना भी जरूरी है। खासकर महिला प्रत्याशियों को अपने बच्चों के साथ दिवाली मनाने की चिंता सता रही है। वे कुछ दिनों के लिए घर लौटना चाहती हैं, ताकि परिवार के साथ त्योहार मना सकें।
दूसरी ओर, बाड़ाबंदी की जिम्मेदारी संभाल रहे पार्टी नेताओं का तर्क है कि चुनावी समीकरणों को देखते हुए सभी प्रत्याशियों को एकजुट रखना जरूरी है। ऐसे में प्रत्याशियों को घर जाने की अनुमति देने से पार्टी की रणनीति प्रभावित हो सकती है।
भाजपा के कई जिला पार्षद प्रत्याशी इन दिनों गुवाहाटी में ठहरे हुए हैं। पार्टी का दावा है कि उसके खेमे में 41 सदस्य प्रत्याशी हैं। इनमें 15 महिलाएं शामिल हैं। कुछ प्रत्याशी अभी अलवर में ही हैं, लेकिन उन पर भी गुवाहाटी पहुंचने का दबाव बनाया जा रहा है। इस बीच चर्चा है कि कुछ कांग्रेस प्रत्याशी भी गुवाहाटी में भाजपा के खेमे तक पहुंच गए हैं।
गुवाहाटी और अलवर के बीच करीब 1850 किलोमीटर की दूरी है। ऐसे में प्रत्याशियों के लिए दिवाली पर घर आना आसान नहीं है। सड़क मार्ग से आने-जाने में काफी समय लगेगा, जबकि हवाई यात्रा पर किराये के रूप में ज्यादा खर्च होगा। इसी वजह से प्रत्याशी भी असमंजस में हैं।
एक तरफ प्रत्याशी परिवार के साथ दिवाली मनाना चाहते हैं, वहीं दूसरी तरफ पार्टी चुनावी रणनीति के तहत बाड़ाबंदी जारी रखना चाहती है। अब देखना होगा कि पार्टी नेतृत्व प्रत्याशियों की इस मांग पर क्या फैसला लेता है और उन्हें त्योहार पर घर जाने की अनुमति मिलती है या नहीं।