
पेट्रोल और डीजल की मार से बचने के लिए जिस सीएनजी को किफायती विकल्प मानकर वाहन चालकों ने अपनाया था, अब सीएनजी आमजन की जेब पर भारी पड़ रही है। प्रदेश के अलग-अलग जिलों में सीएनजी की दरों में बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है। जिले में सीएनजी 99.50 रुपए प्रति किलो हो गई हैं, जिससे वाहन चालकों का मासिक बजट पूरी तरह बिगड़ गया है।
चौंकाने वाली बात यह है कि अलवर में सीएनजी अब डीजल से भी महंगी हो गई है। डीजल के 98.39 रुपए प्रति लीटर भाव के मुकाबले सीएनजी 99.50 रुपए प्रति किलो बिक रही है, जिससे पर्यावरण हितैषी वाहन चलाने वालों को झटका लगा है। बांसवाड़ा शहर की तुलना में अलवर में सीएनजी करीब 18 रुपए प्रति किलो अधिक महंगी बिक रही है।
अलवर जिला एनसीआर क्षेत्र में आता है, जहां प्रदूषण नियंत्रण नियमों के चलते सार्वजनिक व व्यावसायिक वाहनों के साथ निजी गाड़ियों में भी सीएनजी के उपयोग को प्राथमिकता पर रखा गया है। नियमों की पालना करते हुए वाहन चालकों ने सीएनजी किट लगवाए। लेकिन अब जिले में सीएनजी के दाम 100 रुपए के करीब पहुंच चुके हैं।
ऑटो रिक्शा चालकों, स्कूल वैन संचालकों और टैक्सी मालिकों का कहना है कि जब सीएनजी के दाम डीजल से भी ज्यादा हो गए हैं, तो फिर गैस किट के रखरखाव और कतारों में लगने का कोई फायदा नहीं रह गया है। वाहन चालकों ने मांग की है कि एनसीआर क्षेत्र अलवर में टैक्स में राहत देकर सीएनजी की दरें कम की जाएं।
प्रदेश के अलग-अलग जिलों में सीएनजी की कीमतों में अंतर के पीछे सप्लाई नेटवर्क, परिवहन खर्च और गैस वितरण कंपनियों की लागत प्रमुख कारण हैं। जिन क्षेत्रों में पाइप लाइन से सीधे गैस पहुंचती है, वहां परिवहन खर्च कम रहता है। वहीं, टैंकरों से गैस पहुंचाने पर लागत बढ़ जाती है। इसके अलावा अलग-अलग कंपनियों का संचालन खर्च, गैस खरीदने की दरें और आयातित एलएनजी का इस्तेमाल भी कीमतों को प्रभावित करता है। गैस स्टेशन के रखरखाव, स्थानीय शुल्क और अन्य खर्चों के कारण भी जिलों में सीएनजी के भाव अलग-अलग होते हैं।
सीएनजी: अलवर में सीएनजी अब 99.50 रुपए प्रति किलोग्राम मिल रही है।
पेट्रोल: सामान्य पेट्रोल 113.36 रुपए प्रति लीटर बिक रहा है।
डीजल: सामान्य डीजल के दाम 98.39 रुपए प्रति लीटर है।
उदयपुर: 106.40 रुपए
जयपुर 99.50 रुपए
जोधपुर: 97 रुपए प्रति किलो
बांसवाड़ा शहर: 81.44 रुपए
डूंगरपुर: 88.94 रुपए