
उत्तर प्रदेश के लखनऊ में हुए भीषण अग्निकांड से सबक लेते हुए राजस्थान का प्रशासनिक अमला पूरी तरह एक्शन मोड में है। इसी कड़ी में बुधवार को अलवर नगर निगम और यूआईटी (UIT) की संयुक्त टीम ने शहर में चल रहे अवैध और असुरक्षित कोचिंग संस्थानों पर बड़ा हंटर चलाया है। प्रशासन ने बिना फायर सेफ्टी मानकों और एनओसी (NOC) के धड़ल्ले से चल रहे 5 बड़े कोचिंग सेंटरों को मौके पर ही सील कर दिया। इनमें शहर की देव डिफेंस अकादमी, रेस कोचिंग और मदर्स कोचिंग संस्थान सहित कुल पांच कोचिंग शामिल हैं।
प्रशासन की इस अचानक हुई कार्रवाई के बाद कोचिंग परिसरों में हड़कंप मच गया। देखते ही देखते सैकड़ों छात्र-छात्राएं सड़कों पर उतर आए और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए करवाई का विरोध भी किया। छात्रों का कहना था कि उन्हें अपनी किताबें, लैपटॉप, मोबाइल चार्जर और अन्य जरूरी दस्तावेज निकालने का मौका तक नहीं दिया गया और सीधे बिल्डिंग पर ताला जड़ दिया गया। गुस्साए छात्रों ने इस अचानक हुई कार्रवाई को गलत बताया।
कार्रवाई का विरोध कर रहे विद्यार्थियों ने अपनी सबसे बड़ी चिंता पढ़ाई को लेकर जताई। छात्रों ने बताया कि राजस्थान में जल्द ही एलडीसी (LDC) और अन्य महत्वपूर्ण प्रतियोगी परीक्षाएं होने वाली हैं। ऐसे में ऐन वक्त पर कोचिंग संस्थान सील होने से उनका पूरा सिलेबस अटक जाएगा और उनकी तैयारी बुरी तरह प्रभावित होगी। छात्रों ने मांग की है कि प्रशासन को कोई बीच का रास्ता निकालना चाहिए ताकि उनकी पढ़ाई का नुकसान न हो।
दरअसल, प्रशासन का साफ कहना है कि वे बच्चों के भविष्य के साथ-साथ उनकी जान की सुरक्षा को लेकर कोई समझौता नहीं कर सकते। अलवर के नयाबास, भगत सिंह सर्किल, मालवीय नगर, स्कीम-2, स्कीम-8, मोती नगर और मोती डूंगरी जैसे बेहद भीड़भाड़ वाले इलाकों में संकरी इमारतों और बेसमेंट के अंदर बिना वेंटिलेशन और आपातकालीन निकास के कोचिंग व लाइब्रेरियां चल रही हैं।
अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि जिन भी संस्थानों के पास फायर एनओसी नहीं है, उन्हें किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और यह सीलिंग अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। बता दें इससे पहले राजधानी जयपुर में मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 20 कोचिंग संस्थानों और लाइब्रेरियों को सील कर दिया गया था। इसके बाद अलवर जिला प्रशासन पर भरी दबाव था जिसके बाद यह कार्रवाई अमल में लाई गई।